उद्योग विहीन जामनेर में आयोजित किया गया 'ग्लोबल रोजगार' संमेलन, बेरोजगारों को दी जा रही है सीधे जर्मनी में जॉब की गारंटी | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

उद्योग विहीन जामनेर में आयोजित किया गया 'ग्लोबल रोजगार' संमेलन, बेरोजगारों को दी जा रही है सीधे जर्मनी में जॉब की गारंटी | New India Times

शिंदे-फडणवीस-अजित पवार सरकार में कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर में भाजपा की ओर से रोजगार एवं मार्गदर्शन संमेलन का आयोजन किया गया। महाजन की मिल्कियत वाली पंडित दीनदयाल उपाध्याय शिक्षा प्रसारक मंडल संस्था में आयोजित इस संमेलन के लिए अभिजीत देशपांडेय, डॉ हेमंत जोगडेकर, ओंकार कलवडे, इन मान्यवरों को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। रोजगार को लेकर मंत्री जी के अनमोल विचारों से हमारे पाठकों को वंचित रहना पड़ रहा है इसका हमें खेद है। संमेलन के माध्यम से प्लेसमेंट एजेंसीयो द्वारा चुने गए यूवकों को जर्मनी में, जी हां जर्मनी में रोजगार की गारंटी दी गई है। प्लंबर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, ड्राइवर, नर्सिंग स्टाफ इत्यादि कौशल प्राप्त जरूरतमंदों को जर्मनी में रोजगार मिलेगा। दो महीने पहले महाजन सरकारी दौरे पर जर्मनी गए थे शायद इसलिए रोजगार गारंटी के लिए जर्मनी का चयन किया गया होगा। जरा सोचिए अगर मोदी सरकार युवाओं को नौ साल में 18 करोड़ रोजगार देती तो करोड़ों युवाओं को विदेशों में जॉब मिलता और भारत की अर्थव्यवस्था 5 लाख ट्रिलियन पार कर जाती। विश्वगुरू को सुनने के लिए दुनियाभर के देशों मे रहने वाले NRIs के हुजूम को लेकर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित होता। यहां एक बात को नोट कीजिए की आजादी के बाद भारत के इतिहास में यह सब पहली बार हो रहा होता।

उद्योग विहीन जामनेर को प्रोजेक्ट्स की प्रतिक्षा

उद्योग विहीन जामनेर में आयोजित किया गया 'ग्लोबल रोजगार' संमेलन, बेरोजगारों को दी जा रही है सीधे जर्मनी में जॉब की गारंटी | New India Times

1980-90 के दशक में ईश्वर जैन ने शुगर मिल, रम फैक्टरी, स्टार्च ग्लूकोज फैक्टरी, कॉटन मिल जैसे प्रोजेक्ट की नींव रखी थी जो राजनीति के हत्थे चढ़ गए। अगर यह कारखाने शुरू किए जाते तो आज जलगांव जिले के 15 ब्लॉक में जामनेर तहसील सबसे अधिक विकसित क्षेत्र होता। विवेचना यह है कि बीते तीस सालों में MIDC में एक भी बड़ा कारखाना स्थापित नहीं किया गया है। रोजगार संमेलन के नाम पर नेतागण अपनी अवैकल्पिक राजनीति को जनता पर थोपने में लगे हैं। NCP की ओर से इसी प्रकार के रोजगार संमेलन का आयोजन किया गया था जिसका मेरिट खुलकर सामने नहीं आया ना ही नेताओं ने बताया।

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