नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

बाफरजोय के कारण मानसून को लेकर की गई तमाम भविष्यवाणियां और अनुमान फेल साबित हो गए हैं। मुंबई से लेकर लासलगांव (नासिक) तक बारीश अच्छी है उसके इधर ख़ानदेश, पश्चिमी विदर्भ में सुखा कायम है। जलगांव जिले के जलगांव लोकसभा क्षेत्र के सभी ब्लॉक अमलनेर, पारोला, चालीसगांव, पाचोरा, भडगांव, एरांडोल, जलगांव ग्रामीण मे दमदार बारिश की प्रतीक्षा है। मोर, अंजनी, गुल, गिरना प्रकल्पों के जलसंचय ने सतह भांप ली है। हतनुर डैम जिसमें पचास फीसदी गाद है वह हमेशा की तरह पहली बारिश में ओवर फ्लो हो गया है। जिले के सबसे बड़े डैम वाघुर में आज साठ फीसदी पानी है, जिससे जलगांव शहर की व्यापक पेयजल आपूर्ति की जरूरत को पूरा किया जा रहा है। सुखा प्रभावित तहसीलों की समीक्षा बैठकों के लिए प्रशासन के पास समय नहीं है, प्रशासन की ओर से डीएम के अंकित घोषित प्रोग्राम रद्द किए जा रहे हैं। मंत्री गिरीश महाजन के गृह निर्वाचन जामनेर के करीब 50 गांव पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। जामनेर में 1995 से 1999 के दौरान बने छोटे छोटे सिंचाई तालाबों में महज तीस प्रतिशत पानी शेष है इन तालाबों के अलावा तहसील में सिंचाई का कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट निर्माण नहीं किया गया है।

तीसरे कैबिनेट से बढ़ेगा प्रशासन मे तनाव: सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक करार दिए गए शिंदे-फडणवीस सरकार के अवैध मंत्री परिषद विस्तार मे अजीत पवार गुट से अनिल पाटील के रूप में जिले को तीसरा कैबिनेट मंत्री मिला है उनको जलशक्ति विभाग का जिम्मा दिया जा सकता है। राज्य में जलगांव जिले को तीन कैबिनेट मंत्री पद मिलना यह कोई सामान्य घटना नहीं है, इसके कारण जिला प्रशासन में तनाव बढ़ेगा। अनिल पाटील के मंत्री बनने के बाद गिरीश महाजन और गुलाबराव पाटील इनमें से किसी एक मंत्री को अपने मंत्री पद से हाथ धोना पड़ेगा।
