गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:

दीन सबन को लखत है, दीनहिं लखै न कोय। जो रहीम दिनहिं लखै, दीनबंधु सम होय।।
रहीम का ये दोहा दतिया विधायक एवं मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा पर बिल्कुल सटीक बैठ रहा है। वे रोज कुछ न कुछ ऐसा करते रहते हैं जिससे जरूरतमंद एवं संकट से जूझ रहे लोगों की मदद होती है साथ ही जब इस अर्थ युग में दुनिया में जिंदगी और मौत की जंग लोग पैसों की कमी से हार जाते हैं वहां डॉ नरोत्तम मिश्रा कुबेर बनकर खड़े हो जाते हैं और पैसों के अभाव में किसी को जिंदगी की जंग नही हारने देते हैं। यू तो वे सरकार के संकट मोचन कहलाते हैं परंतु गरीब असहाय लोगों के लिए सच में दीनबंधु बनकर सामने आते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही दुखी परिवार की जुबानी सुनाने जा रहे हैं जिसकी उम्मीदों को दादा ने फिर से नया रंग भर दिया है।
बकौल छाया शर्मा मैं ग्राम बड़ोंकला की रहने वाली हूँ। मेरे पति द्वारिका शर्मा को दो हार्टअटैक आए और उनकी हालत बहुत खराब हो गई ।डॉक्टर ने अर्जेंट ऑपरेशन का बोला और करीब २ लाख रुपए का खर्चा बताया। इतना खर्चा सुनकर तो मेरे होश उड़ गए की अब क्या होगा कहा से इतने पैसों कि व्यवस्था बनेगी। हमारे पास तो आयुष्मान कार्ड भी नही है। अब हम कैसे क्या करे कुछ समझ ही नही आरहा था । तभी मुझे हमारे दादा की याद आई कि अब हो ना हो दादा से ही मदद की गुहार लगाई जाए अब दादा के अलावा मेरे पति देव को कोई नहीं बचा सकता । मैनें हिम्मत जुटा कर दादा को फोन किया की दादा मेरे पति द्वारिका शर्मा बड़ौंकला बालो को हार्टअटेक का दौरा पड़ा है। और उनकी हालत बहुत खराब है डॉक्टर बोल रहे हैं कि इन्हे गम्भीर अटैक आया है और इनका जल्द से जल्द ऑपरेशन करना पड़ेगा । दादा अब मेरे पति का जीवन आप के हाथ मे है । उन्हे बचालो दादा। इसपर तुरंत मंत्री जी बोले की छाया तुम चिंता नहीं करो मैं द्वारिका भाई के लिए जान लगा दूंगा ।तुम पैसों की भी चिंता मत करो जितना पैसा लगेगा उसकी व्यवस्था मैं करूंगा। तुम द्वारिका भाई को जल्द से जल्द भोपाल लाने की तैयारी करो और मैं अपने पति को लेकर भोपाल चिरायु हॉस्पिटल पहुंची। वहां पर दादा ने बोल रखा था की मेरा छोटा भाई है द्वारिका इसके इलाज में कोई कमी नही रहनी चाहिए । पैसों की चिंता मत करना चाहे जितना पैसा लगे उसकी पूरी व्यवस्था मैं करूंगा। और जैसा दादा ने बोला बेसा ही किया। हमारी आर्थिक स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं है । अगर आज दादा की कृपा मेरे परिवार पर नहीं होती तो ना जाने हम लोगो का क्या होता। आज मेरे पति अगर जिंदा है तो बो हमारे विधायक हमारे दादा नरोत्तम मिश्रा जी की कृपा से है । मैं और मेरा पूरा परिवार नरोत्तम दादा का आभारी रहेगा। जिन्होंने हमारी ऐसे संकट की घड़ी में मदद की। मैं पीतांबरा मां से प्रार्थना करती हूँ कि नरोत्तम दादा दीर्घायु हो और दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करें जिससे हमारे जैसे दीन दुखी लोगों की मदद होती रहे। जय नरोत्तम भाई की फिर दतिया वासियों को चिंता काहे की। पुनः दादा को बहुत बहुत धन्यवाद।
