पवन परुथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

शिल्प कला के विकास औऱ शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने के लिये ग्वालियर स्मार्ट सिटी हर संभव सहयोग करेगी, यह बात स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती नीतू माथुर ने रविवार को गुड़िया बनाने की कला के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय बत्तोबाई के परिजनों से मुलाकात के दौरान कही। इस अवसर पर श्रीमती माथुर ने परिजनों से गुड़िया बनाने की इस कला के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
गौरतलब है कि पुराने कपड़ों से अलग-अलग तरह की आकर्षक व सुंदर गुड़िया बनाकर देश ही नहीं बल्कि दुनिया में इस कला को एक नया रूप देने वाली ग्वालियर की बत्तो बाई के हुनर को आज भी उनका परिवार जीवित रखे हुए है। बत्तो बाई को उनकी इस कला के लिए राष्ट्रपति पदक सहित देश विदेश में कई जगह सम्मानित किया गया। इस कला को एक नया रूप देने वाली बत्तो बाई भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी बहू नवल किशोरी परिहार ने गुड़िया बनाने की कला को आगे बढ़ाया और अब परिवार की अगली पीढ़ी की कल्पना परिहार व बत्तोबाई की बेटी नर्मदा इस कला को आगे बढ़ा रही है।
श्रीमती माथुर ने परिजनों द्वारा गुड़िया बनाने की इस पुरानी कला को आज भी जीवित रखने के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने परिजनों को जानकारी देते हुए बताया कि अभी हाल ही में वेस्ट टू आर्ट परियोजना के तहत बत्तो बाई की गुड़िया की कलाकृति को शहर में लगाया गया है। और स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन का पूरा प्रयास रहेगा कि झाबुआ की गुड़िया की तरह ही ग्वालियर की गुड़िया बनाने की इस कला को देश विदेश में एक पहचान मिल सके, श्रीमती माथुर ने जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही स्मार्ट सिटी द्वारा विकसित रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर व म्यूजियम सहित महाराज बाड़े पर टूरिस्ट इनफार्मेशन सेंटर की बिल्डिंग में सोवेनियर शॉप खोले जाएंगे ताकि क्षेत्रीय आर्ट के कलाकारो को अपनी कला को प्रदर्शित करने के साथ साथ व्यवसाय में मदद मिल सके। वही ग्वालियर की इस तरह की खास कला और कलाकारों को भी प्रमोट करने के लिए एक पूरी रूपरेखा तैयार कर उस पर कार्य किया जाएगा।
