नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

किसानों और जनता के मुद्दों पर सरकार के मंत्री कुछ बोलते नहीं हैं उनको और ही किसी बातों में रुची है, किसमें रुचि है जनता को पता है, इस प्रकार से सरकार का मखौल उड़ाते हुए NCP नेता एकनाथ खडसे ने भाजपा पर हमला बोला। शिंदे-फडणवीस के असंवैधानिक सरकार में मंत्री गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर में NCP द्वारा किसानों के पक्ष में आयोजित एक दिवसीय अनशन में खड़से शामिल हुए।

खड़से ने कहा कि सरकार के खिलाफ बोलने पर प्रवर्तन निदेशालय को पीछे लगा दिया जाता है। मेरे पीछे गिरिश ने सभी एजेंसियां लगा दी लेकिन याद रहे कि सत्ता की मस्ती ज्यादा दिन तक बरकरार नहीं रहती। एक ईमानदार टीचर के बेटे (गिरीश महाजन) को मैंने राजनीति में बड़ा न किया होता तो आज वह पेंशन पर जिंदा रहता। इसके आगे जाकर खड़से ने महाजन के निजी जीवन के अतीत में घटित कुछ बेहद खास लम्हों को सार्वजनिक किया कहा कि मेरे कारण फ़रदापुर में वह बचे मैंने खुद देखा कि वह महिला और महाजन किस हालत में थे, तब एक दारोगा ने इनके गाल पर चाटा मारा था, मदिरा मीनाक्षी जैसे किसी प्रकरण में मैं नहीं था।
ज्ञात हो खड़से ने जिस मदिरा मीनाक्षी प्रकरण के बारे में जिक्र किया वह 1997 का मामला है। राज्य में शिवसेना भाजपा की सरकार थी, गृहमंत्री गोपीनाथ मुंडे थे। जामनेर से तत्कालीन फर्स्ट टाइम भाजपा विधायक गिरीश दत्तात्रय महाजन फ़रदापुर (तब का जिला औरंगाबाद) के सरकारी रेस्ट हाउस मे खास निजी लम्हे बिताते हुए पकड़े गए थे। इस घटना के कवरेज को एक मराठी अखबार ने मदिरा मीनाक्षी के टाइटल तले चेन स्टोरी के रूप में चलाया था तब यह प्रकरण पूरे महाराष्ट्र में मदिरा मीनाक्षी के नाम से लोकप्रिय हुआ था। किसानों के पक्ष में आयोजित अनशन के मंच पर NCP के प्रदेश सदस्य महबूब शेख, जिलाध्यक्ष रविंद्र पाटिल, महिला जिलाध्यक्षा वंदना चौधरी, संजय गरुड़, अशोक चौधरी, कैलाश पाटिल, प्रदीप लोढ़ा, विलास राजपूत, किशोर पाटील, शाम सावले, नाना राजमल पाटील, संतोष झालटे समेत अन्य मान्यवर मौजूद रहे।
