हेड कांस्टेबल अनिल सिंह चौहान को गोली मारकर जख्मी करने वाले आरोपियों का नहीं लगा सुराग, हवा में हाथ-पैर मार रही है‌ पुलिस | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

हेड कांस्टेबल अनिल सिंह चौहान को गोली मारकर जख्मी करने वाले आरोपियों का नहीं लगा सुराग, हवा में हाथ-पैर मार रही है‌ पुलिस | New India Times

लखीमपुर-खीरी जिला के मैगलगंज थाना क्षेत्र लिधियाई मोड़ पर बदमाशों को पकड़ने के प्रयास में सिपाही को गोली मारकर ज़ख्मी करने वाले मामले में एक हफ्ते बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका है।
जानकारी मुताबिक जनपद खीरी की कोतवाली मैगलगंज के अंतर्गत ग्राम सभा खखरा की लिधियाई मोड़ पर बीती 24 अप्रैल को हेड कॉन्स्टेबल अनिल सिंह चौहान द्वारा बदमाशों को पकड़ने के प्रयास में बदमाशों के द्वारा गोली मारी गयी थी जिससे अनिल सिंह चौहान गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे जिसके बाद अनिल सिंह चौहान को लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जिसके बाद अनिल सिंह चौहान की हालत में अभी तक काफी सुधार हुआ है लेकिन वही अगर मैगलगंज पुलिस के बारे में देखा जाये तो दीवान की हत्या की कोशिश करने वाले आरोपी अभी तक फरार है इससे कही न कही मैगलगंज पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं सात दिन बीत जाने के बाबजूद भी मैगलगंज पुलिस के हाथ खाली है कई जगह दबिश की औपचारिक क्रिया प्रतिक्रिया करने के बाबजूद भी मैगलगंज पुलिस के हाथ खाली है दूसरी और क्षेत्र के लोगों में बदमाशों द्वारा किए गए पुलिस पर हमले के बाद दहशत का माहौल है।
सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में जनचर्चा है कि जब वर्दी ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनमानस का क्या हाल होगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद खीरी ज़िले के पुलिस अधीक्षक गणेश प्रशाद साहा काफी एक्टिव नज़र आये, घटना के दिन सुबह सुबह मौके पर पहुंचकर बारीकी से घटनाक्रम को परख कर जांच की और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उनके द्वारा तमाम टीमें उक्त घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफतार करने के लिए टीमें गठित की गई लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कोई पुख्ता सबूत मैगलगंज पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। घटना का संज्ञान लेकर लखनऊ जोन के आईजी तरुण गावा भी गोली कांड वाली जगह का मौके का निरीक्षण किया बरगावां रोड पर हुई चोरी का भी निरीक्षण किया लेकिन उसका भी भी तक कोई फायदा नज़र नहीं आया है। घटना के दिन मैगलगंज क्षेत्र में लगभग तीन चोरियां हुई थी लेकिन अभी तक किसी का भी खुलासा नहीं कर पाई मैगलगंज पुलिस का खुफिया तंत्र और मुखबिर प्रणाली भी पूरी तरह ध्वस्त व असफल नजर आ रही है।

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