जर्जर स्कूल इमारत से विधार्थियों व शिक्षकों की जान खतरे में, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप | New India Times

अविनाश द्विवेदी, भिंड ( मप्र ), NIT; ​जर्जर स्कूल इमारत से विधार्थियों व शिक्षकों की जान खतरे में, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप | New India Timesभिंड जिला के ग्राम पंचायत औझा के मजरा डुड़ियन में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक  विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण अब दम तोड़ रहा है। तेज बारिश व  बादल गर्जन पर ही विद्यालय की दीवारें धसकने लगती हैं, जिससे शिक्षक व छात्र दहशत में हैं। ​जर्जर स्कूल इमारत से विधार्थियों व शिक्षकों की जान खतरे में, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप | New India Timesशिक्षक श्यामसुन्दर दोहरे ने NIT संवाददाता को बताया कि विद्यालय जर्जर हालात में है। दस दिन पहले हल्की बारिश और बादल गर्जन से चार पटिया टूट गये जिस कारण विद्यालय में छुट्टी देनी पड थी ताकि किसी को कोई नुकसान न पहुंचे। इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की गयी तो वह केवल फोटोग्राफी करके चले गए हैं, विद्यालय भवन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहां कमरे मेंरडर लगा रहता है कि कहीं कोई हादसा ना हो जाये। सुरक्षा की दृष्टि से सड़क किनारे खड़े बरगद के पेड़ की छांव में छात्र बैठने को मजबूर हैं और जरा-सी बूंदाबांदी होने पर छात्र घर चले जाते हैं।​जर्जर स्कूल इमारत से विधार्थियों व शिक्षकों की जान खतरे में, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप | New India Timesछात्रा-संध्या से जब बात की गई तो उसका कहना था कि स्कूल में डर लगता है इसलिए हमें पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ता है।

विद्यालय भवन की जर्जर हालत को देखकर शिक्षक अन्दर जाने से डरते हैं, छात्रों से ही  छात्र उपस्थित एवं स्टाप उपस्थित रजिस्टर मंगवाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है भवन 15 साल पुराना है जिसका निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा किया गया था। स्कूल इमारत के निर्माण में अनियमितता बरती गयी थी इसलिए दीवारें धसक रही हैं।

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