नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

New india Time’s द्वारा जून 2022 में घटिया निर्माण कार्य और अधिकारी तथा नेताओं के कमीशनखोरी का शिकार बन चुकी नेत्र चिकित्सालय की इमारत को लेकर लगातार ग्राऊंड रिपोर्टिंग की गई थी बावजूद इसके ताश के पत्ते की तरह खड़ी की जाने वाली इन डेढ़ करोड़ रुपयों की लागत से बन रही इन इमारतों को लेकर जस की तस स्थिति बनी हुई है! NRHM यानी राष्ट्रीय ग्रामीण हेल्थ मिशन केंद्र सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे इस निर्माण पर सीधा जिलाधिकारी और जिला शल्य चिकित्सक का नियंत्रण है! जानकारी के मुताबिक मुख्य ठेकेदार ने कमीशन बेस पर ये काम किसी दूरसे ठेकेदार को हैंड ओवर कर दिया है! आज पूरे तीन साल होने को है सूबे मे हिंदुत्ववादी विचारो की डबल इंजन की शिंदे फडणवीस सरकार आकर 5 महीने बीत चुके है! जलगांव शहर मे मंत्री गिरीश महाजन के दावे के मुताबिक 1500 करोड़ रुपए खर्च कर देश का पहला मेडिकल हब बनने जा रहा है लेकिन मंत्री (जिनके पास मेडिकल साइंस विभाग का जिम्मा है) जी के गृह नगर जामनेर मे डेढ़ करोड़ की लागत से जैसे तैसे बन रहे नेत्र विभाग का काम तीन साल से पूरा नही हो सका है ! तहसिल क्षेत्र की बात करे तो कुल 158 गांवो के लिए 7 प्रा स्वास्थ केंद्र है ! उनके अधीन 41 उपकेंद्र उसमे 28 बनकर तैयार पर उनपर ताले जड़े है ! कुल कर्मियो मे 84 कर्मीयो के यानी आधे पद खाली पड़े है!
रूबी में नेत्र चिकित्सा शिविर

महाराष्ट्र सरकार के वैद्यकीय शिक्षा एवं आरोग्य विभाग की ओर से मोतियाबिंद मुक्त महाराष्ट्र इस संकल्पना के अनुसार मंत्री महाजन के मार्गदर्शन मे मोतियाबिंद जांच तथा आपरेशन शिविर का आयोजन कराया गया है ! इस शिविर को निजी तौर पर रूबी स्टार अस्पताल मे कंडक्ट कराया गया है ! अगर सरकारी अस्पताल मे नेत्र चिकित्सालय कि उम्दा इमारते निर्धारित समय के भीतर बनकर तैयार हो जाती तो शायद रूबी स्टार अस्पताल के भीतर इस शिविर के आयोजन की आवश्यकता नही पड़ती ! ज्ञात हो कि 4 से 7 जनवरी तक चलने वाले इस शिविर मे प्रख्यात नेत्र विशेषज्ञ डॉ तात्याराव लहाने तथा डॉ रागिनी पारिख पीड़ित मरीजो के आंखों के आपरेशन करेंगे !
