झाबुआ जिला पटवारी संघ का सम्मेलन सम्पन्न, प्रांतीय पदाधिकारी भी हुए शामिल | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिला पटवारी संघ का सम्मेलन सम्पन्न, प्रांतीय पदाधिकारी भी हुए शामिल | New India Times

झाबुआ जिला पटवारी संघ का वार्षिक सम्मेलन थांदला के एक निजी स्थान पर सम्पन्न हुआ। आयोजन में जिलें के करीब 200 से ज्यादा पटवारियों ने शिरकत की जिसमें प्रांतीय पदाधिकारीयो ने भी मुख्य रूप से शिरकत कर पटवारियों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया।

इस मौके पर उप प्रांताध्यक्ष सेवानिवृत्त पटवारी हेमराज गवली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पटवारी संवर्ग ने शासन की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया है ओर अंचल में ग्रामीणों की समस्याओं व कानून व्यवस्था आदि कार्यों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है, बावजूद इसके नियमों से बांधकर हमारी अनदेखी की जा रही है जिसका विरोध जरूरी है।

समारोह में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ववन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई जिसमें स्वागत भाषण मलसिंह डामोर ने दिया, विभिन्न तहसिलों के अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, गोपाल जोशी, छतरसिंह मेरावत, आनन्द मेडा, नानूराम मेरावत आदि ने अपनी तहसिलों की मांगों ओर समस्याओं से अवगत करवाया जिस पर मंचासीन अतिथियों ने जिलें के वरिष्ठ अधिकारियों को उपस्थित सभी पटवारियों द्वारा बताए सुझाव और समस्याओं से ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाने का निर्णय लिया गया।

झाबुआ जिला पटवारी संघ का सम्मेलन सम्पन्न, प्रांतीय पदाधिकारी भी हुए शामिल | New India Times

पूर्व जिला उपाध्यक्ष महेश व्यास, असगर अली बोहरा व महेश गढ़वाल ने कहा शासन की नियमावली के नियम कर्मचारी को कार्य करने के लिए है, जिन्हें बेवजह कर्मचारियों पर दबाव बनाने में उपयोग किया जा रहा है, उसके खिलाफ भी आवाज बुलंद करने की जरूरत है।

पटवारियों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

कार्यक्रम में हर्षिता मेडा और ज्योति डुडवे द्वारा स्वागत गीत, वालसिंग किराड़े ने “एक दिन बिक जाएगा” गीत पर प्रस्तुति दी।

वही गीता मंदौड़ और साथियों ने अंचल की संस्कृति के अनुरूप नृत्य किये जिससे उत्साह का वातावरण निर्मित हो गया।

थांदला एसडीएम की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त कर की निंदा

जिला संघर्ष समिति के मलजी डामोर, रामसिंह डामोर, रूपसिंह भूरिया, अशरफ कादरी, ठाकुरसिंह भूरिया, गीता मंडोड़ आदि ने वर्तमान समस्याओं और व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताया।

जिला संघर्ष समिति ने बहुचर्चित निलंबीत पटवारी मोहम्मद अशरफ कादरी एवं रूपसिंह भूरिया के निलंबन एवं बहाली तक एसडीम थांदला द्वारा दुर्भावना पूर्वक अपनाई गई प्रक्रिया के लिए निंदा प्रस्ताव रखा गया एवं अन्य तहसीलों में निलंबीत किए गए पटवारी के संबंध में घोर निंदा की गई।

पटवारी संघ जिलाध्यक्ष अखिलेश मुलेवा ने कहा सब निश्चिंत होकर समयसीमा में शासकीय कार्य बिना किसी दबाव के करे , कोई भी अनुचित कार्यवाही यदि किसी पटवारी पर की जाती है तो पूरा जिला संघ उनके साथ सदैव डटकर खड़ा रहेगा व अन्याय बर्दाश्त नही किया जाएगा। इस दौरान जिलें से 11 स्थानांतरित पटवारियों को शाल श्रीफल के साथ विदाई दी गई। कार्यक्रम का सफल संचालन यश रामावत ने और आभार श्यामसिंह मेड़ा ने किया।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version