पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक अमित सांघी,भापुसे के निर्देश पर जिले में फरारी इनामी बदमाशों तथा वारंटियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान दिनांक 16.12.2022 को पुलिस अधीक्षक ग्वालियर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना मुरार के अप0क्र0 286/19 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि के मामले में फरार ढ़ाई हजार रूपये के इनामी आरोपी को सिटी सेंटर क्षेत्र में देखा गया है। उक्त सूचना पर से एसपी ग्वालियर द्वारा अति0 पुलिस अधीक्षक शहर (अपराध) राजेश डण्डोतिया को क्राइम ब्रांच व थाना मुरार पुलिस की टीम को मुखबिर सूचना की तस्दीक कर उक्त इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में सीएसपी मुरार/डीएसपी अपराध श्री ऋषिकेश मीणा, भापुसे, सीएसपी लश्कर/डीएसपी अपराध द्धितीय श्री षियाज़ के.एम.,भापुसे के मार्गदर्शन में प्रभारी क्राईम ब्रांच निरी0 नरेश गिल एवं थाना प्रभारी मुरार निरीक्षक विनायक शुक्ला के द्वारा क्राईम ब्रांच व मुरार पुलिस की संयुक्त टीमों को मुखबिर के बताये स्थान सिटी सेंटर, एसबीआई बैंक के पास कार्यवाही हेतु भेजा गया। पुलिस टीम को उक्त स्थान पर मुखबिर के बताये हुलिया का एक संदिग्ध व्यक्ति खड़ा दिखा, जिसने पुलिस टीम को अपनी ओर आता देखकर भागने का प्रयास किया। परन्तु पुलिस टीम द्वारा उक्त संदिग्ध को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गये संदिग्ध से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त थाना मुरार के अप0क्र0 286/19 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि के अपराध में घटना दिनांक से ही फरार चल रहा था। जिनकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा ढ़ाई हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया था। उक्त प्रकरण में फरार तीन अन्य आरोपियों की पुलिस टीम द्वारा तलाश की जा रही है।
उक्त पकड़े गये इनामी आरोपी ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर फरियादी गौतम राय निवासी सदर बाजार मुरार के साथ प्लॉट बेचने के नाम पर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से 20 लाख रूपये की धोखाधड़ी की गई थी। फरियादी की रिपोर्ट पर से चार आरोपियों के खिलाफ थाना मुरार में अप0क्र0 286/19 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। उक्त प्रकरण में वांछित चार आरोपी घटना दिनांक से ही फरार चल रहे थे जिनकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा ढ़ाई-ढ़ाई हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया था।
