कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
बुलढाणा जिले के ग्राम वरवंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों के वेतन में घोटाला होने का आरोप लगने के बाद जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच की, जिसमें तकरीबन 14 लाख रुपए के घोटाले का तथ्य सामने आया था, तत्पश्चात इस मामले में 11 जुलाई को बुलढाणा ग्रामीण पुलिस थाने में 2 कर्मियों के खिलाफ विविध धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि इस मामले का मास्टरमाइंड शंकर राजुरकर फरार था, जिसे 26 जुलाई को बुलढाणा ग्रामीण पुलिस ने उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया है। जिसे कोर्ट ने 4 दिन के पीसीआर में भेज दिया है।
इस भ्रष्टाचार मामले में वरवंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गणेश प्रह्लाद राठोड़ ने बुलढाणा ग्रामीण थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया था कि वे वरवंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बतौर मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। इस स्वास्थ्य केंद्र में कुल 22 कर्मी काम करते हैं। जिसमें आरोपी गजानन शंकर राजुरकर कनिष्ठ सहायक पद पर तथा पुरुषोत्तम सरदारसिंह सालोख स्वास्थ्य सेवक है। अक्टूबर 2016 में स्वास्थ्य केंद्र के सभी कर्मियों को वेतन पत्र दिए गए थे जिसमें से कुछ कर्मियों ने डॉ.राठोड़ को बताया था कि उनके वेतन में कुछ रुपए कम आए हैं। इस बात को गंभीरता से लेते हुए डॉ.राठोड ने जून 2015 से अक्टूबर 2016 तक के सभी कर्मियों के वेतन एवं अन्य देयकों की जांच की तो पता चला कि कनिष्ठ सहायक राजूरकर और सालोख ने मिलीभगत करते हुए अन्य कर्मियों के वेतन और अन्य देयक में से रकम अपने बैंक खाते में जमा कराई है। स्वास्थ्य केंद्र के सभी कर्मियों के वेतन में से 5 लाख 81 हज़ार 34 रुपए तथा अन्य देयक में से 8 लाख 3 हज़ार 294 रुपए इस प्रकार 13 लाख 84 हज़ार 328 रुपए का भ्रष्टाचार करते हुए वाउचर पर मेडिकल ऑफिसर के जाली हस्ताक्षर किये गए और इसी रकम को दोनों ने बाँट कर अवैध रूप से अपने अपने बैंक खाते में डाल दिए। कनिष्ठ सहायक गजानन राजुरकर ने अपने बैंक खाते में 6लाख 2 हज़ार 478 रुपए तथा स्वास्थ्य सेवक पुरुषोत्तम सालोख के बैंक खाते में 7 लाख 81 हज़ार 805 रुपए ट्रान्सफर किये गए।
इस शिकायत के आधार पर बुलढाणा ग्रामीण पुलिस थाने में आरोपी गजानन राजुरकर व पुरुषोत्तम सालोख पर 11 जुलाई को भादवि की धारा 420, 468, 471, 409, 34 के तहत अपराध दर्ज करते हुए उसी रात में बुलढाणा ग्रामीण के थानेदार सुनील जाधव ने आरोपी पुरुषोत्तम सालोख को हिरासत में लिया जिसे कोर्ट ने 4 दिन पुलिस कस्टडी में भेज दिया था जिसकी बाद में ज़मानत पर रिहाई हो गई। जबकि इस भ्रष्टाचार का मुख्य सूत्रधार माना जानेवाला आरोपी गजानन राजुरकर फरार ही था जो अपनी ज़मानत की फिराक में था. इस बीच पुलिस को जानकारी मिली की आरोपी राजुरकर उसके घर पर आया हुआ है तत्काल थानेदार सुनील जाधव, सुधाकर काले ने जाल बिछा कर आरोपी शंकर राजुरकर को उसके घर से हिरासत में लिया ले लिया। अब पुलिस आरोपी राजुरकर से कड़ी पूछ ताछ कर रही है।
- आरोपियों के बैंक खाते कराए सील
वरवंड के पीएचसी में तकरीबन 14 लाख का वेतन घोटाला सामने आने के बाद इसी स्वास्थ्य केंद्र के दो कर्मचारियों के खिलाफ बुलढाणा ग्रामीण थाने में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। इस घोटाले में लिप्त आरोपी शंकर राजूरकर व पुरुषोत्तम सालोख के बैंक खातों को पुलिस ने संबंधित बैंकों को पत्र देकर सील कर दिया है। पुलिस ने अपनी जांच में अब तक 7 कर्मियों के बयान कलमबंद किये है।

