नशे में धुत जनपद खीरी के सीएमओ अरुणेंद्र त्रिपाठी ने पत्रकारों के साथ की अभद्रता | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

नशे में धुत जनपद खीरी के सीएमओ अरुणेंद्र त्रिपाठी ने पत्रकारों के साथ की अभद्रता | New India Times

जनपद खीरी के सीएमओ अरुणेंद्र त्रिपाठी हाईवे पर नशे में धुत होकर पत्रकारों के साथ अभद्रता की है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ट्रेनी सीओ प्रवीण यादव एवं उनका ड्राइवर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं लेकिन खीरी के दारूबाज सीएमओ अरुणेंद्र त्रिपाठी दारू पीकर पत्रकारों से अभद्रता कर रहे हैं। रात के अंधेरे में सुनसान रोड़ों पर सीएमओ अरुणेंद्र त्रिपाठी का स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ सजदा मयखाना जम जाता है।लखीमपुर खीरी के अंतर्गत मेन रोड लखीमपुर के निजी अस्पताल तुलसी हॉस्पिटल के बाहर सड़क पर शराब पीकर नशे में धुत सीएमओ अरुणेंद्र त्रिपाठी बीचो बीच रोड पर झूम बराबर झूम लहराते हुए झूमते नजर आए। सीएमओ ने नशे की हालत में अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। सीएमओ अरुणेंद्र त्रिपाठी का हंगामा काटते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अंडर ट्रेनिंग दुर्घटना का शिकार हुए सीओ प्रवीण यादव लखीमपुर के तुलसी हॉस्पिटल पहुंचे और सिपाहियों के एक्सीडेंट के बाद सीएमओ अस्पताल पहुंचे थे। सीएमओ के संरक्षण में बिना एक्सपायरी दवाएं जलाई जाती है कार्रवाई के नाम पर जीरो, नशेड़ी सीएमओ जो खुद की देखभाल नहीं कर सकते तो आम जनता की क्या खाक करेंगे। सीएचसी पीएचसी उपकेन्द्र अवैध वसूली के अड्डे बन रहे हैं। वीडियो व लिखित शिकायत होने के बावजूद भी भ्रष्टाचार में डूबे सीएचसी प्रभारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई ना कर उनको अभयदान दिया हुआ है। पियक्कड़ नशेड़ी सीएमओ के द्वारा फर्जी अस्पताल चलाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध अस्पताल गोला गोकर्णनाथ में सीएमओ द्वारा प्रतिमाह हजारों रूपए लेकर चलाया जा रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण गोला और बिजुआ ब्लॉक में देख सकते हैं कि एक तरफ जहां से नशेड़ी सीएमओ खीरी कार्यवाही का ढोंग करते हैं। वहीं बिजुआ के सीएससी प्रभारी अवैध अस्पतालों से वसूली कर उनको चलाने का संरक्षण दिए हुए हैं। सरकारी अस्पतालों से ज्यादा अवैध अस्पतालों पर उमड़ती है मरीजों की भीड़ वहीं अभी जल्द ही एक सीएचसी पर अवैध वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिस पर सीएमओ के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version