शारिफ अंसारी, मुंबई, NIT;
बरसात के मौसम में भिवंडी शहर की सड़कों की दुर्दशा से शहर के नागरिकों का बुरा हाल है। यहां ऐसा लग रहा है कि सड़क में गड्ढे नहीं हैं बल्कि गड्ढों में सड़क है। यहां वाहन तो दूर पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है, उस पर मनपा की बेरूखी ने लोगों के गुस्से को और भडका दिया है।
भिवंडी मनपा क्षेत्र की सभी सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। सड़कों पर असंख्य गड्ढों के कारण शहर में जगह-जगह दिन भर यातायात बाधित रहती है। जिससे सड़क दुर्घटनाएं बढती जा रही हैं। जानकारी के अनुसार 32 सडक दुर्घटनाएं घटित हुई हैं, जिसमें 12 लोगों की मृत्यु हो चुकी है तथा 42 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। भिवंडी की खराब सड़कें पैदल चलने लायक नही रही हैं।
नागरिकों का कहना है कि मनपा प्रशासन अपनी आर्थिक तंगी का हवाला देकर नागरिकों की जान से खिलवाड़ कब तक करता रहेगा? भिवंडी की सड़कों की हालत देखकर मनपा प्रशासन की घोर लापरवाही का सहज अंदाज़ा लगाया जा सकता है। नागरिकों की शिकायत के बाद भी मनपा प्रशासन सड़कों की रिपेयरिंग के कार्य के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील दिखाई दे रहा है।
कहा जाता है कि सडकें शहर का चेहरा होती हैं, लेकिन भिवंडी शहर की सड़कों को देखा जाए तो भिवंडी का चेहरा काफी बदसूरत दिखाई पड़ता है। भिवंडी शहर गंदगी के साथ साथ खराब सड़कों के लिए बदनाम है। भिवंडी शहर की सभी सड़कों की हालत बद से बद्दतर हो गई है। कई जगह तो सड़कें इतनी खराब हैं कि यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि गड्ढों में सड़क है या सड़कों में गड्ढ़े हैं। भिवंडी की सड़कों पर वाहनों से चलना यानी झूले में झूलने जैसा है बाइक से चलने वाले वयस्क नागरिकों में सड़क के गड्ढों के कारण स्पाइन तथा कमर दर्द की बीमारी तेज़ी से बढ़ने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जब तेज़ बरसात होती है और सड़क पर पानी भर जाता है, तब यह गड्ढे जानलेवा साबित हो जाते हैं। गड्ढे वाली इन सड़कों पर वाहनों का आवागमन मुश्किल हो गया है, साथ ही साथ भिवंडी की गली से लेकर मुख्य सडक तक की सड़कें पैदल चलने लायक नहीं रह गई हैं। इन्ही गड्ढों वाली सड़कों पर स्कूली बच्चे तथा महिलाएं जान हथेली पर लेकर पैदल चलती हैं।
भिवंडी का प्रवेश द्वार मानी जाने वाली मुख्य सड़क भिवंडी-कल्याण रोड की हालत सबसे ज्यादा ख़राब है। साईं बाबा से लेकर कल्याण नाका तक उड़ानपुल का निर्माण कार्य जारी है। इस मुख्य मार्ग पर 2 कि.मी. तक हज़ारों की संख्या में गड्ढ़े हो गए हैं। इस रोड पर चौबीस घंटे यातायात बाधित रहता है। कभी कभी तो 2 कि.मी. का सफर तय करने में दो से ढाई घंटे का समय लग जाता है। उड़ानपुल निर्माण करने वाली एमएमआरडीए की ठेकेदार कंपनी के जिम्मे सड़क रिपेयरिंग की जिम्मेदारी है, लेकिन ठेकेदार कंपनी सड़क रिपेयरिंग की जगह मिट्टी, खड़ी और पत्थर जैसा घटिया मटेरियल डालकर शहर के नागरिकों को मूर्ख बना रही है। सड़क रिपेयरिंग के नाम पर मनपा करोड़ों रूपए का खर्च दिखाती है, लेकिन सड़क रिपेयरिंग के नाम पर केवल मिट्टी और बड़े बड़े पत्थर डालकर खानापूर्ति करती है। गड्ढों की रिपेयरिंग करने वाले ठेकेदार और संबंधित अधिकारी आपस में साठ-गांठ कर अपनी जेबें भर लेते हैं और नागरिकों को उनके हाल पर छोड़ देते हैं। नागरिकों का आरोप है कि बार बार शिकायत के बावजूद मनपा प्रशासन आँख मूंदे गहरी नींद में सोया हुआ है।
भिवंडी शहर का मुख्य मार्ग अंजूरफाटा से बागे-फिरदोश मस्जिद, पुराना आगरा रोड, पुराना थाना रोड, दरगाह रोड, नारपोली, देवजीनगर, दूधबावड़ी नाका से चिंचोटी मार्ग, कामतघर से अंजूरफाटा, धामनकर नाका से कामतघर रोड, पद्मानगर रोड, आसबीबी से मानसरोवर रोड, अप्सरा से गैबी पीर रोड, जकातनाका-आनंद दिघे चौक से तीन बत्ती मंडई रोड, शांतिनगर रोड, नई एसटी से नागांव रोड, चाविन्द्रा रोड, निजामपुर रोड के साथ साथ उक्त मुख्य मार्गों से जुड़ी संपूर्ण भिवंडी की सड़कों पर गड्ढ़े ही गड्ढ़े नज़र आ रहे हैं। सड़कों की खराब हालत के साथ भिवंडी के उड़ानपुल की सड़कों पर भी बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं, जिसे जानलेवा साबित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। उड़ानपुल पर हुए गड्ढ़ों से भविष्य में बड़ी दुर्घटना की संभावना से भी इनकार नही किया जा सकता हैं।
जब नागरिक खराब सड़कों की शिकायत करते हैं, तब मनपा के नेता व मनपा प्रशासन में बैठे आलाधिकारी मनपा की आर्थिक स्थिति ख़राब होने का हवाला देकर अपनी असमर्थता जता देते हैं। सड़कों की अत्यंत बुरी दशा देखकर ऐसा लगता है कि भिवंडी शहर में प्रशासन नाम की कोई चीज़ नही है। स्थानीय मनपा प्रशासन नागरिकों से टैक्स तो वसूल करता है, लेकिन सुविधा देने के नाम पर शून्य है।
फ़ोटो देखने के बाद भिवंडी की बदहाल और जर्जर हो चुकी सड़कों की हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

