मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव के आदिवासी ग्राम राखीकोल मढकाढाना में 8 आदिवासी महिला स्वयं सहायता समूह की कार्यशाला आयोजित की गई कार्यशाला का आयोजनअन्नपूर्णा आदिवासी ग्राम संगठन राखीकोल ने किया। कार्यशाला में नवजात शिशु मे कुपोषण को दूर करने हेतु 6 सिद्धांत समझाये गये। (१) ६ माह तक केवल मां का दूध ही पिलाना चाहिए पानी भी नहीं देना चाहिए क्योंकि शिशु ६माह की अवधि में केवल मां का दूध ही पचा पाता है। (२) ६माह से मां के दूध के साथ अनुपूरक आहार देना चाहिए आहार गाढ़ा ही होना चाहिए गाढी दाल खिलाये दाल का पानी नहीं। (३) बिमारी के दौरान भोजन अवश्य ही खिलाना चाहिए। (४) बिमारी से बचाव हेतु ६ बातें भी बताई (१) हाथ धुलाई (२) पानी उबालकर ही पीना चाहिए। (३ )रोग प्रतिरोधक टीके लगाने हेतु किया (४) विटामिन ए पिलाना चाहिए (५) बीमार व्यक्ति से शिशु को दूर रखना चाहिए।(६) मलेरिया से बचाव हेतु प्रेरित किया गया। सभी सदस्यों ने कुपोषण को दूर करने का संकल्प लिया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि आदिवासी समाज की पारसी भाषा में समुदाय को समझाया गया। इस आयोजन में १३० लोगों ने अपनी भागीदारी दी। इस अवसर में मुख्य रूप से समाज सेवी राजेन्द्र शर्मा एवं समाज सेवी सूरज चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
