भोपाल में बारिश ने ढाया कहर, जन जीवन हुआ अस्त-व्यस्त, सड़के हुई लबालब, चारों ओर पानी ही पानी, नगर निगम और प्रशासन हुए बेबस | New India Times

शेख नसीम, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल में बारिश ने ढाया कहर, जन जीवन हुआ अस्त-व्यस्त, सड़के हुई लबालब, चारों ओर पानी ही पानी, नगर निगम और प्रशासन हुए बेबस | New India Times

दो दिनों से हो रही लगातार कहर बरपाती बारिश ने राजधानी भोपाल वासियों के जीवन में ब्रेक लगा दिया है, बारिश के चलते भोपाल का आलम ये है की चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नज़र आ रहा है।

शनिवार रात से राजधानी भोपाल में बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ था वो दो दिन के बाद भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है, लगातार बारिश के चलते भोपाल के लगभग हर इलाके और कॉलोनियों में पानी भर गया है, नाले और नालियों की सफाई नहीं होने की वजह से बारिश का पानी घरों में घुस गया है जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा घरों में घुसे पानी को लोग बाहर फेंकते हुए नज़र आ रहे हैं। झमाझम बारिश और तेज़ हवाओं के चलते कई इलाकों के पेड़ गिरकर धराशाही हो गए हैं वहीं दूसरी तरफ कल रात से भोपाल के अधिकांश इलाकों और कॉलोनियों में बिजली गुल हो गई जो 24 घण्टे बीत जाने के बाद भी नहीं आई।

भोपाल में बारिश ने ढाया कहर, जन जीवन हुआ अस्त-व्यस्त, सड़के हुई लबालब, चारों ओर पानी ही पानी, नगर निगम और प्रशासन हुए बेबस | New India Times

आधे भोपाल की कालोनियां अंधेरे में गुम हो गई हैं। बिजली विभाग, नगर-निगम और प्रशासन पूरी तरह बारिश के आगे बेबस और लाचार नज़र आ रहा था। सड़के जलमग्न थी घरों में पानी भरा हुआ था, नदी और नाले उफान पर थे और भोपाल के सभी तालाब लबालब होकर ओवर-फ्लो हो गए हैं जिसका पानी तालाब से लगी सड़कों पर आ गया था। लगातार बारिश की वजह से पक्के घरों की पक्की छत टपकने लगी है, दीवारों से पानी रिस रहा है. क्या अमीर और क्या गरीब सब के सब परेशान और बेहाल कोई किसी का पुरसाने हाल नहीं, जनप्रतिनिधि भारत के गृहमंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे में व्यस्त हैं उनको जनता और जनता की परेशानियों से कोई मतलब नहीं है। भोपाल में चारों तरफ बारिश ने हाहाकार मचा रखा है, त्राहि-त्राहि मची हुई है. स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार 22 अगस्त को सभी सरकारी, गैर-सरकारी स्कूलों और मदरसों में अवकाश के आदेश जारी कर दिए थे और कल 23 अगस्त मंगलवार को भी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है।

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