मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मदरसा असहाबे सुफफा, ग़ालिब मैदान फेमस ट्रांसपोर्ट पर आज़ादी का जश्न मनाया गया. यहां धीमी धीमी बरसात में धार्मिक विद्वान हाफ़िज़ अब्दुल रहमान ने झंडा फहराया और भारत की आज़ादी में धार्मिक अलेमाओ की कुर्बानियों पर विस्तार के साथ प्रकाश डाला। असहाबे सुफफा एजुकेशनल सुसाइटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल बासित ने बताया कि देश में आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, उस में भी बुरहानपुर का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। बारिश की रिमझिम में मदरसे मासूम बच्चों ने पूरे शहर को वतन का जज़्बा बता दिया।
मासूम बच्चों ने तिरंगे को सलामी दी और देश को मोहब्बत का पैगाम दिया।
हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से पूरा शहर गूंज उठा, राष्ट्र के कर्णधार बच्चो का ये हौसला, देश के लिए प्यार देखते ही बनता था। मदरसे के बच्चों की हौसला अफजाई करने के लिए समाजसेवी हाजी वाजिद इक़बाल, पार्षदगण सर्वश्री इस्माइल अंसारी, फ़हीम हाशमी, हमीद डायमंड, आसिफ़ खान, शाहिद ज़ाकिर बंदा, अधिवक्ता वसीम साहब, कांग्रेस नेता मुशर्रफ़ खान, आलम अंसारी, सैय्यद तौसीफ मीर मौजूद थे।
