फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

फखरपुर थाना क्षेत्र के सौगहना परसेंडी में आठवां मोहर्रम मनाया गया. जानकारी के अनुसार मोहर्रम 3 वर्ष बाद मनाया जा रहा है क्योंकि इस 3 वर्ष कोरोना महामारी के चलते जुलूस नहीं निकाला गया लेकिन ईश्वर के महिमा से कोरोना का प्रकोप खत्म हुआ. हाफिज साबिर ने बताया कि आज मोहर्रम की 10 वीं तारीख को हजरत इमाम अली अकबर, हजरत इमाम अली असगर, हजरत इमाम कासिम की शहादत हुई थी इसीलिए आज के दिन मातम के तौर पर मनाते हैं और मोहर्रम की 10वीं तारीख आशूरा के नाम से जानी जाती है इस्लाम धर्म का प्रमुख दिन होता है कहा जाता है कि मोहर्रम के महीने में हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी हजरत इमाम हुसैन इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब के छोटे नवासे थे. हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम के महीने में दसवें दिन को लोग मातम के तौर पर मनाते हैं।
