मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के प्रैक्टिसिंग एडवोकेट श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से धर्म विशेष के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक पोस्ट के आरोपी देवराज ठाकुर को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा 1 अगस्त 2022 को सुनवाई के पश्चात रु 50,000 के बांड पर ज़मानत तो दी गई है, किंतु उक्त आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने के पश्चात अपराध पंजीबद्ध करने में विलंब को लेकर भी हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और उल्लेख किया के इस पोस्ट से हजारों लोगों में रोष उत्पन्न हो गया था। इस संपूर्ण मामले पर माननीय उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए मध्य प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों सहित पुलिस महानिदेशक को न केवल ऐसे मामलों में तत्काल और कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश एवं आदेश जारी किए बल्कि मध्य प्रदेश सरकार के गृह सचिव तथा विधि एवं विधाई मामलों के मुख्य सचिव सहित पुलिस महानिदेशक को सोशल मीडिया के खिलाफ भी ऐसी आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित करने पर कार्यवाही करने के निर्देश एवं आदेश जारी किए। साथ ही इस आदेश की प्रति भी मध्य प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों सहित पुलिस महानिदेशक को तत्काल भेजे जाने के आदेश किया। उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता एवं आपत्तिकर्ता सैयद रफीक की ओर से बुरहानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा आरोपी देवराज ठाकुर निवासी लालबाग बुरहानपुर के ज़मानत आवदेन पर पूर्व में सेशन कोर्ट बुरहानपुर में भी आपत्ति लेने पर सेशन कोर्ट ने एडवोकेट मनोज कुमार अग्रवाल की आपत्ति के आलोक में आरोपी की ज़मानत निरस्त कर दिया था। जिसके बाद आरोपी की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में ज़मानत आवेदन प्रस्तुत किया था। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में भी बुरहानपुर के वरिष्ट अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने आपत्ति लेकर आरोपी के अपराध को गंभीर बताते हुए आरोपी को ज़मानत देने का विरोध किया था, जिसके पश्चात उच्च न्यायालय ने उक्त आदेश आदेश पारित किए। उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में 5 अगस्त 2022 को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में सुनवाई होना थी किंतु माननीय न्यायालय द्वारा तिथि परिवर्तित कर इसकी सुनवाई 1 अगस्त को निर्धारित की गई l जिसमें आरोपी को शर्तों के अधीन ज़मानत मिली है।सोशल मीडिया में धर्म विशेष के खिलाफ टिप्पणी करने वाले उक्त आरोपी को गिरफ्तार करने के मामले को लेकर बुरहानपुर में बहुत बवाल हुआ था लेकिन बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने अपनी कुशल रणनीति के तहत और इस मामले को निपटाने के मकसद से बुरहानपुर की शाही जामा मस्जिद के पेश इमाम हज़रत सैयद इकरामुल्लाह साहब बुखारी को मौके पर बुलवा लिया था। उन के समझाने के कारण बुरहानपुर पुलिस के मुखिया द्वारा जनसमूह को यह आश्वासन दिया था कि 4 से 6 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी हो जाएगी। बुरहानपुर पुलिस ने आरोपी को इंदौर से दिनांक 4 जुलाई 2022 को गिरफ्तार करके अदालती आदेश पर जेल भेजा था, तब से ही आरोपी जेल में है और लगभग 27 दिन बाद आरोपी की जमानत के आदेश हाईकोर्ट से हुए हैं।
