बिल्डर की धोखाधड़ी के खिलाफ जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन, <br>एडीएम ने दिए जांच के आदेश | New India Times

साबिर खान, मथुरा/लखनऊ (यूपी), NIT:

बिल्डर की धोखाधड़ी के खिलाफ जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन, <br>एडीएम ने दिए जांच के आदेश | New India Times

चंदा ग्रीन्स सोसाइटी, ट्रांसपोर्ट नगर, मथुरा इस सोसाइटी का निर्माण माधव इंफ्राटेक कंपनी ने कराया है। इस कंपनी के मालिक श्री के.डी.अग्रवाल एवं श्रीमती इंदिरा अग्रवाल पत्नी स्वर्गीय श्री जगदीश अग्रवाल हैं। यह सोसाइटी अभी बिल्डर के अधीन है। इस सोसाइटी में काफी लोग वरिष्ठ नागरिक हैं जिन्होंने अपने जीवन की पूरी कमाई इसमें लगा दी है लेकिन सोसाइटी के हालात देख कर हम अपने को ठगा ठगा सा महसूस करते हैं। इसके पीछे कुछ तथ्य हैं इन तथ्यों को हम आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं। 1. कुछ अति आवश्यक सुविधाओं का अभाव: A. सोसाइटी में अग्नि शमन सिस्टम के नाम पर कहीं कहीं सांकेतिक ढांचे लगे हुए हैं वे चालू हालत में नही हैं। यदि कभी घटना हुई तो सोसाइटी के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। B. कॉलोनी के मुख्य द्वार के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के नाम पर एक ढांचा खड़ा है वह भी चालू हालत में नहीं है। सोसाइटी के सीवेज का गंदा पानी पंप सेटों से बाहर फेंका जाता है। इससे वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी होता है। C. बिल्डर के द्वारा एक सोसायटी ऑफिस बनाकर देना चाहिए था लेकिन कोई ऑफिस नहीं बनाया। 2. कॉलोनी के अधूरे एवं वायदा किए गए कार्य:A. कॉलोनी के अधूरे अथवा वायदा किए कार्यों की सूची चंदा ग्रीन वासियों ने बिल्डर को एक साल पहले ही दे दी थी लेकिन कोई कार्य नहीं किया सभी कार्य ज्यों की त्यों हैं। कई बार समय समय पर बिल्डर को कार्यों को पूरा कराने हेतु आग्रह करते रहे और बिल्डर हम को झूठे आश्वासन देते रहे। B. कुछ कार्य जैसे रोड लाइट के टूटे हुए खम्बों को थीक कराना।C. जर्जर एवं टूटी हुई बाउंड्री वॉल की मरम्मत कराना एवं उस पर कांटे दार तारों को लगवाना D. सोसाइटी की सड़कों पर जल भराव की समस्या का निराकरण कराना। E. जिम को चालू करवाना। F. क्लब हाउस के आस पास उखड़े हुए फर्श की मरम्मत कराना। G. किड्स पूल की मरम्मत करवाना H. चिल्ड्रेन पार्क में पर्याप्त मात्रा में झूले आदि लगवाना । I. हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगवाना.J. डक्टो की स्थिति में सुधार कराना आदि। 3. बिल्डर द्वारा ग्राहकों को प्रलोभन देकर गुमराह करना | बिल्डर ने सोसायटी की सुरक्षा एवं रखरखाव के नाम पर 1BHK वाले फ्लैट स्वामियों से 40000/रूपये, 2BHK वालों से 65000/-रूपये एवं 3BHK वालों से 80000/-रुपए एक मुस्त यह कहकर लिए थे कि यह फंड वन टाइम इन्वेस्टमेंट होगा इससे सोसाइटी का दीर्घ कालीन संचालन होता रहेगा अलग से मासिक पैसा देने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रलोभन में आकर लोगों ने यहां फ्लैट खरीदे 4. माधव इंफ्राटेक से बचे हुए फंड को सोसाइटी के खाते में स्थानांतरित करना इस समय सोसायटी में 192+4 (कमर्शियल बिल्डिंग के ऊपर) कुल 196 फ्लैट्स हैं उनका कुल फंड 13490000/- बनता है। बिल्डर ने सोसायटी को 5000000/- रुपए तथा कुछ फ्लैट स्वामियों ने लगभग 545000/- रुपए दिए हैं और शेष 7945000/- रुपए बिल्डर के पास है जिनको बिल्डर द्वारा सोसाइटी के खाते में भेजना है। सोसायटी के कैंपस में बिल्डर की 13 दुकानें भी हैं उनका कोई फंड इसमें शामिल नहीं है। दुकानों से कितना फंड लेना चाहिए यह नियमानुसार तय किया जाना जरूरी है। दुकानों का जो भी बनता है उसे भी बिल्डर को सोसाइटी के खाते में भेजना चाहिए अतः श्रीमान जी से अनुरोध है कि उपरोक्त सभी बिन्दुओं की जांच करा कर सोसाइटी के आवश्यक एवं अधूरे कार्यों को बिल्डर द्वारा पूरा कराया जाय तथा बचे हुए पूरे फंड के साथ चंदा ग्रीन्स सोसाइटी को यहां की कमेटी को हस्तांतरित कराने की कृपा करें जिससे कि हम अपनी सोसाइटी को अच्छी तरह से चला सकें। आपकी अति कृपा होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में सोसाइटी अध्यक्ष नवरत्न सिंह, सचिव एस पी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद दीक्षित, ओमप्रकाश, शिवराज सिंह तोमर, रवि कुमार, मनोज कुमार, विष्णु बहादुर, सी बी खड़के आदि मुख्य रूप से शामिल रहे.

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