सपनों की उड़ान के लिए पंखों की नहीं ऊंचे विचार की आवश्यकता होती है: प्रा मोहसिन पठान | New India Times

जफर खान, अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

सपनों की उड़ान के लिए पंखों की नहीं ऊंचे विचार की आवश्यकता होती है: प्रा मोहसिन पठान | New India Times

मुनष्य के विचार तथा लक्ष्य को पाने के लिए की गई अथक मेहनत असंभव को भी संभव बना देती है। सपनों की उड़ान के लिए पंखों की नहीं ऊंचे विचार की आवश्यकता होती है. उक्त प्रतिपादन प्राध्यापक तथा पठान सर मराठी कोचिंग के संचालक महोसिन पठान ने मेधावी छात्रों के सत्कार समारोह में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया। इस समय कर्यक्रम के अध्यक्ष इकबाल सैफी, प्रा सुफियान सर, समाज सेवक तथा जनलोकशाही संघटन के संस्थापक अध्यक्ष सैय्यद नासीर, इंजीनियर तथा पत्रकार अवेज़ सिद्दीकी आदि उपस्थित रहे। कर्यक्रम में दसवीं कक्षा में मराठी भाषा परीक्षा में शानदार गुण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों के हाथों विभिन्न परुस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। मराठी भाषा मुस्लिम समुदाय में काफी जटिल समझी जाती है, तथा इसके चलते विद्यार्थियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है इसी गलतफहमी को दूर करने के उद्देश्य से प्राध्यापक मोहसिन पठान पिछले कई वर्षो से विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे है तथा पिछले 5 वर्षो से क्लास का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा है इस वर्ष भी विद्यार्थीयो ने बहुत बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 95 प्रतिशत तक गुण प्राप्त किए है। उक्त कर्यक्रम में उपस्थित मान्यवरों ने विद्यार्थियों को शिक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा स्ट्रेस फ्री रहने के मंत्र भी दिए। कार्यक्रम का संचालन हाशिर मालिक ने किया तथा आभार प्रदर्शन आफ़ीफ़ा कौसर ने व्यक्त किया।

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