नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

‘भोपू’ को टूलकिट बनाकर छोटे दल की आड़ में समुदाय विशेष को टारगेट कर सांप्रदायिक पोलिटिकल अजेंडा सेट करने में लगे बड़े दल की रणनीति से सूबे में सांप्रदायिक एकता को चोट पहुंचाने के जो प्रयास किए जा रहे हैं उसके जवाब में महाराष्ट्र पुलिस ने जातीय एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जन हस्ताक्षर मुहिम का आयोजन किया. जामनेर पुलिस थाने में शहर की प्रथम नागरिक नगराध्यक्षा साधना महाजन ने डिजिटल बैनर पर मार्कर से हस्ताक्षर कर इस मुहिम को समर्थन दिया. इस मौके पर पुलिस प्रमुख किरण शिंदे, जितेंद्र पाटील, डॉ प्रशांत भोंडे समेत भाजपा के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे. जामनेर शहर ने भी राज्य के बड़े शहरों की तरह बीते कई हफ्ते तनाव के बीच गुजारे. 2009 से 2019 के दौरान राज्य में छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले, छत्रपति शाहू महाराज, संविधान निर्माता डॉ बाबासाहेब आंबेडकर इन महापुरुषों की पुरोगामी विचारधारा का अनुकरण करने वाले परिवर्तनवादी सामाजिक संगठनों द्वारा पुरोगामी विचारो को लेकर जो प्रबोधन कार्य किया गया था उन्ही विचारों से प्रभावित जनता ने भोपू पॉलिटिक्स के नापाक मकसद को धराशायी कर दिया और देश मे अन्य राज्यों में के सामने अच्छी नजीर पेश की. इतिहास प्रेमी तथा बहुजन विचारकों की राय है कि प्रबोधन के इस आंदोलन को अधिक गति देने की आवश्यकता है. समूचे राज्य में ठाकरे सरकार ने भोपू को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशानिर्देशो को राष्ट्रहित में जन सहभागिता से लागू किया है.
