मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मुमताज महल फेस्टिवल बुरहानपुर के संस्थापक एवं मुख्य सरबराहकार शहजादा मोहम्मद आसिफ़ ख़ान गौरी ने इस प्रतिनिधि को एक भेंट में बताया कि आगामी 5,6 और 7 जून 2022 को 3 दिवसीय 51 वें मुमताज महल फेस्टिवल का भव्य आयोजन पुरानी परंपरा एवं रीति रिवाज अनुसार बुरहानपुर में किया जाएगा जिसमें अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुशायरा, सेवा सदन महाविद्यालय बुरहानपुर में सेमिनार सम्मान समारोह के साथ बेगम मुमताज़ की अस्थाई कब्रगाह पाइन बाग, जैनाबाद में कुरान ख्वानी आदि का आयोजन होगा। मुमताज महल फेस्टिवल के आयोजक शहजादा मोहम्मद आसिफ़ ख़ान गौरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में शिरकत के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर, फिल्मी गीतकार, पूर्व राज्यसभा सांसद जावेद अख्तर को आमंत्रित किया गया है। और उन्होंने हमारे आत्मीय निमंत्रण को स्वीकार कर यथासंभव आने का आश्वासन दिया है।

शहजादा मोहम्मद आसिफ खान गौरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में उनके चिरंजीव बुरहानपुर के उभरते हुए फनकार एवं भारत के ख्याति प्राप्त शायर डाक्टर आसिफ यार के ग़ज़ल संग्रह ” मिट्टी डाल” का विमोचन भी गरिमामय कार्यक्रम में संपन्न होगा। उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर के जदीद लबो लहजे के प्रसिद्ध शायर डॉक्टर वासिफ यार के अनुसार कविता का अर्थ केवल आईने के टूटने का नाम ही नहीं, बल्कि उसके टूटने और बिखर जाने की पीढ़ा भी है. वे हमेशा इस सतत प्रक्रिया की ओर अग्रसर होते हैं जिसका प्रमाण उनकी ग़ज़लों, कविताओं और अंशों से मिलता है। वैसे वसीफ यार पेशे से डॉक्टर हैं लेकिन वह दिल से लेखक हैं। उन्होंने अपना छद्म नाम यार अपनाया है, जिस से ऐसा प्रतीत होता है की वे यारों के यार हैं।वासिफ यार की ग़ज़ल में करंट अफेयर्स एवम पारंपरिक विषयों को बहुत सुंदरता से चित्रित किया गया है। मिट्टी डाल उनका पहला संग्रह है और वे अभी जोशीले युवा हैं इसलिए उनसे काफी उम्मीदें हैं कि वे अपनी कृतियों से अपनी एक दुनिया बनाएंगे जो उनकी पहचान होगी।
शहजादा मोहम्मद आसिफ़ ख़ान गौरी ने मुमताज़ की मोहब्बत के दीवानों से इस कार्यक्रम में शिरकत करके शहजादा आसिफ़ को दुलार और प्यार देने और तीन दिवसीय आयोजन में शिरकत करके मुमताज फेस्टिवल को सफल बनाने की अपील की है।
