पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

शहर विकास की परियोजनाओं के क्रियान्वयन और यातायात प्रबंधन के लिये कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। विकास कार्यों को तीव्र गति से करने के साथ ही शहर के यातायात प्रबंधन के लिये भी पुख्ता कार्य करने की बात कही।
शहर विकास के मुद्दों पर आयोजित इस बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री किशोर कान्याल, सीईओ जिला पंचायत श्री आशीष तिवारी, एडीएम श्री इच्छित गढ़पाले, एडिशनल एसपी श्री अभिनव चौकसे सहित निर्माण विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने यातायात प्रबंधन की चर्चा करते हुए कहा कि शहर में व्यवस्थित ढंग से यातायात संचालित हो, इसके लिये पुलिस विभाग की ओर से प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थल चयनित कर प्रस्तावित किए जाएं, ताकि उन्हें पार्किंग क्षेत्र घोषित किया जा सके। इसके साथ ही जिन मार्गों पर यातायात का दबाव अधिक रहता है वहाँ पर यातायात सुगम करने की दिशा में भी बेहतर प्रयास किए जाएं।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा है कि यातायात प्रबंधन के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें, जिस पर नियमित समीक्षा कर कार्रवाई की जा सके। यातायात में बाधक बिजली के खम्बों को हटाने के साथ – साथ अन्य छोटी-छोटी बाधाओं को हटाने का कार्य भी चरणबद्ध तरीके से किया जाए। बैठक में यह भी निर्धारित किया गया है कि यातायात पुलिस शहर में टेम्पो स्टैण्ड के लिये भी स्थल निर्धारित करे। इन टैम्पो स्टेण्ड को व्यवस्थित करने के लिये स्मार्ट सिटी के माध्यम से डिजायन तैयार कराया जाए, ताकि शहर में व्यवस्थित टेम्पो स्टेण्ड तैयार हो सके।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री किशोर कान्याल ने सुझाव दिया कि यातायात प्रबंधन के लिये अगर शहर के नागरिक भी अपनी निजी भूमि पार्किंग हेतु उपलब्ध कराने के इच्छुक हों तो उनका स्वागत है। नगर निगम द्वारा उन स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी, इसके साथ ही जो राशि प्राप्त होगी उसमें से कुछ राशि निगम रखने के पश्चात शेष राशि भू-स्वामी को भी प्रदान की जायेगी। उन्होंने अपेक्षा की कि शहर के नागरिक भी यातायात प्रबंधन में आगे आएं और अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
कलेक्टर श्री सिंह ने स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि स्मार्ट सिटी द्वारा संचालित की जा रहीं सिटी बसों को शहर में संचालित किया जाए। जो बसें शहर से बाहर जा रही हैं उनमें भी अगर परिवर्तन की जरूरत है तो परिवर्तन का प्रस्ताव रखें। बैठक में मेडीकल यूनिवर्सिटी, एक हजार बिस्तर अस्पताल के निर्माण के साथ ही डीआरडीओ को उपलब्ध कराई गई जमीन के विकास के संबंध में भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई।
