मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

बुलडोजर ने कभी नहीं सोचा होगा कि उसकी चर्चा इतनी होगी कि वह राजनीति के मुख्य बिंदु पर विराजमान हो जाएगा. यूपी की राजनीति में बुलडोजर को वह पहचान दे दी जो कभी नहीं मिल सके, बुलडोजर का नाम सुनते ही लोगों के पैरों के तले जमीन खिसक जाती है. देश की राजनीति में यूपी के मुख्यमंत्री को बुलडोजर बाबा के नाम से भी चर्चित कर दिया।
यूपी के शाहजहांपुर तिलहर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक सपा प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा जो स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे. सपा ने रोशन लाल वर्मा को शाहजहांपुर की तिलहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया था जो भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाह से पराजित हो गए।
सोमवार को राजस्व विभाग के टीम ने दल बल के साथ रोशन लाल वर्मा की बिल्डिंग और प्लाट की नाप जोख की 4 घंटे तक बारीकी नाप जोख की इस दौरान उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की टीम भी मौजूद रही. राजस्व विभाग का कहना है कि नाप के बाद अगर जमीन सरकारी पाई गई तो आगे की कार्रवाई की जाएगी.
रोशन लाल वर्मा पूर्व विधायक पूर्व सपा प्रत्याशी ने कहा की बिल्डिंग उनकी पुत्रवधू के नाम से है जो सभी नियम कानूनों के अनुसार बनी है. उनका कहना है कि चुनावी रंजिश के चलते उनकी जमीन और बिल्डिंग की नाप कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि यह मेरी बहू रुचि वर्मा की है जो सन 2010 में खरीदी गई थी, मैं चाहता हूं कि जमीन की विधिवत नाप हो मुझे सीएम योगी पर पूरा भरोसा है जो हमारे विरोधी लोकल नेता हैं या कब करा रहे हैं वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ से गुहार लगाई है कि उनकी बिल्डिंग और प्लाट के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी ऐसा कोई गलत काम नहीं होने देंगे।
