अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थनगर (यूपी), NIT:

डुमरियागंज विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सपा प्रत्याशी सैय्यदा खातून के कार्यालय पर जीत के जश्न में कुछ लोगों द्वारा मज़हबी नारे लगाने वाला वीडियो वायरल को लेकर हुए मुकदमें और पुलिसिया कार्रवाई पर डुमरियागंज नागरिक समाज ने राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
पीपुल्स एलाइंस के नेता इं शाहरुख अहमद ने कहा कि हम सभी डुमरियागंज नागरिक समाज के लोगों का एक समूह है जो प्रेम-सद्भाव के लिए, सामाजिक कार्य शासन-प्रशासन के साथ मिलकर लम्बे समय से करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डुमरियागंज में नवनिर्वाचित विधायक श्रीमती सैय्यदा खातून समेत 250 लोगों पर डुमरियागंज पुलिस द्वारा राजनीतिक द्वेष के कारण लिखी मनगढ़ंत पंजीकृत प्राथमिकी और पुलिस द्वारा डुमरियागंज व आसपास के गाँव से दर्जनों लड़कों को हिरासत में रखा जाना मानवाधिकार का हनन है। इसलिय प्रशासन से अपील है कि हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करें और बेवज़ह दबिश देकर डुमरियागंज की जनता को परेशान न किया जाए।
वंही अज़ीमुश्शान ने कहा कि राजनीतिक दबाव से मुकदमा दर्ज करने के बाद से डुमरियागंज पुलिस द्वारा लोगों के घरों में लगातार दबिश दी जा रही है, दर्जनों लडकों को पुलिस बिना कुछ बताए गिरफ्तार कर ले गयी है। जिससे क्षेत्र मे भय का माहौल है। लोगों का साफ मानना है कि पूर्व विधायक श्री राघवेन्द्र प्रताप के दबाव और राजनीतिक द्वेष के कारण डुमरियागंज पुलिस काम कर रही है जिस वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है उसमे ऐसा कुछ नही जो किसी समाज के विरुद्ध हो या जिससे किसी की भावना आहत हो।
डुमरियागंज नागरिक समाज के लोग ने ज्ञापन में की मांगे निम्न हैं…
• इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की जाए
• पुलिस बेवजह लोगों के घरों मे दबिश देना बन्द करे और जिन लडकों को गिरफ्तार किया गया है उन्हे तत्काल रिहा किया जाए
• जो प्राथमिकी दर्ज की गयी है उसे वापस लिया जाए.
