गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने बहुत बड़ी चुनौती है, अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के विधानसभा प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। अंबेडकर नगर जिले की पांचों विधानसभा सीटों में सबसे अहम टांडा की सीट मानी जाती है, क्योंकि यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हैं।
1 लाख 30,000 से अधिक मुस्लिम वोटर है। टांडा बुनकरों की नगरी के नाम से जाना जाता है। सपा सरकार में बुनकरों के लिए भी सुविधाएं दी गई थी। समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टांडा विधानसभा की सीट से लड़ने के लिए राममूर्ति वर्मा को खड़ा किया है, बीते दिनों टिकट बंटवारे को लेकर बड़ा घमासान भी हुआ था उसी बीच बसपा प्रत्याशी मनोज वर्मा का भी बसपा से टिकट कट गया। बिना देर किए हैं बसपा सुप्रीमो ने टांडा विधानसभा से शबाना खातून को अपना उम्मीदवार बनाया।
दिन बीते बीते हालात बदले मुस्लिम मतदाताओं कि जब राय ली गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा हमारी रगों में समाजवादी पार्टी का खून दौड़ रहा है हम मुस्लिम हैं अगर समाजवादी पार्टी को नहीं देंगे फिर भी बदनाम है, हम विधायक नहीं मुख्यमंत्री चुनना चाहते हैं और टांडा से राममूर्ति वर्मा को जीत दर्ज करवाएंगे। दूसरी तरफ मुस्लिम मतदाता अपने इलाके में सपा का पुराना गौरव वापस लाने का पूरा मन बना चुके हैं।
टांडा की सीट 2017 में भाजपा की झोली में गई थी, जीत हार भी बहुत कम मार्जिन से हुई थी। टांडा विधानसभा प्रत्याशी राममूर्ति वर्मा ने कहा की यूपी के दो चरणों के चुनाव मतदान से इन जिलों के चुनाव नतीजों से आगे का रास्ता साफ दिख रहा है। सत्ता परिवर्तन की तरफ आगे बढ़ रहा है। विधानसभा टांडा सीट से चुनाव लड़कर राममूर्ति बर्मा सपा समर्थक वोट बैंक को सकारात्मक संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि सपा का जनाधार और भी बढ़ेगा।
