बुरहानपुर के सामाजिक, राजनैतिक संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम बुरहानपुर का नाम ब्रह्मपुर न करने के संबंध में सौंपा ज्ञापन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर के सामाजिक, राजनैतिक संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम बुरहानपुर का नाम ब्रह्मपुर न करने के संबंध में सौंपा ज्ञापन | New India Times

हजरत चमन शाह वाली सामाजिक संघटन जिला बुरहानपुर के आह्वान पर नगर के सामाजिक राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त रुप से एक ज्ञापन भारत के महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर बुरहानपुर को सौंपते हुए निवेदन किया है कि भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई बुरहानपुर द्वारा ऐतिहासिक नगरी बुरहानपुर का नाम ब्रह्मपुर करने का जो प्रयास किया जा रहा है, उसे बुरहानपुर ही रहने दिया जाए। ज्ञापन में बताया गया है कि बुरहानपुर का नाम बदलना इतिहास को क्षति पहुंचाने वाला काम होगा। बुरहानपुर का एक मुकम्मल इतिहास रहा है। सन 1388 ई फारूकी सुल्तान मालिक नसीर खान ने अपने आध्यात्मिक गुरु हजरत बुरहानुद्दीन गरीब रहमत उल्लाह अलेह के नाम पर इस शहर को बसाया था और सल्तनत फारूकी से लेकर मुग़ल सल्तानत में बुरहानपुर को खानदेश की राजधानी बनाया गया था। बुरहानपुर में मौजूद जितनी भी पुरानी एतिहासिक इमारतें मौजूद हैं, सभी के सभी फारूकी और मुग़लो के दौर की है अतः कोई भी ऐसा प्रमाण नही मिलता, जिससे बुरहानपुर का नाम पहले ब्रह्मपुर था, सिद्ध हो सके। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भाजपा अपनी मन मानी चला रही है और शहरो के नाम बदल रही है जिससे बुरहानपुर की जनता भी परेशान है। और उसे अपनी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नही हो पा रही।
बुरहानपुर व्यापारिक दृष्टि से भी देश में अव्वल रहा है और यहां का बना हुआ कपड़ा देश नहीं बल्कि विदेशों तक जाता है. ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया गया है कि बुरहानपुर का नाम बुरहानपुर ही रहने दिया जावे और जो लोग बुरहानपुर के इतिहास को बदलकर क्षति पहुंचाना चाहते हैं और शहर बुरहानपुर की फिज़ामें ज़हर घोलने का काम कर रहे हैं उनपर कार्यवाही हो।

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष सिंह दीक्षित ने भी बुरहानपुर का नाम ब्रह्मपुर करने का विरोध किया। ज्ञापन सौंपते समय संस्था के अध्यक्ष सैयद इसहाक अली, मध्य प्रदेश मुस्लिम लीग के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जहीरूद्दीन शेख, एम आई एम के पूर्व प्रदेश सचिव एडवोकेट सोहेल हाशमी, मकतूम मियां, आम आदमी पार्टी के नेता सादिक दुर्रानी, बहुजन समाज पार्टी, वंचित बहुजन आघाडी, बहुजन मुक्ति मोर्चा सहित अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी गण मौजूद थे। ज्ञापन सौंपते समय अध्यक्ष विहीन जिला कांग्रेस पार्टी का कोई पदाधिकारी इसमें शरीक नहीं था, जो जन चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं कांग्रेस के एक अधिवक्ता इदरीश खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से बुरहानपुर का नाम ब्रह्मापुर किए जाने पर अपना विरोध दर्ज कराया है। यहां यह बताना आवश्यक है कि भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज भीमसेन बदले और पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस ने संयुक्त रूप से एक ज्ञापन भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री श्री सब नानी जी को सौंपते हुए बुरहानपुर का नाम ब्रह्मपुर करने की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी के नाम परिवर्तन करने की मांग का शहर स्तर पर बहुत विरोध हो रहा है। क्षेत्रीय सांसद ने पार्टी गाइड लाइन के अनुसार इस मांग का समर्थन किया है वहीं निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा भैया ने इस मांग का विरोध कर रोष प्रकट किया है।

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