संदीप तिवारी, गुनौर (मप्र), NIT:

गुनौर जनपद में इन दिनों भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का धंधा खुलेआम चल रहा है. जिन जनपद के अधिकारियों को जनता के हित में काम करना चाहिए वह भ्रष्टाचारी सरपंच सचिव के हितेषी बने हुए हैं और जनता को ठेंगा दिखा रहे हैं. जहां भारी अनिमितता और भृरेशाही खुले आम जनपद में देखने को मिल रही है जहां सरपंच सचिव अपने गुर्गों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे है तो वही जनता की सुनने वाले जिम्मेदार अधिकारी आंखों में पट्टी बांधकर धृतराष्ट्र बने बैठे हैं जिससे ठेके पर चल रही पंचायतों में गांव के दबंग और सरपंच सचिव मिलकर शासन की कल्याणकारी योजनाओं को मटिया पलीत करने में जुटे हैं ताजा उदाहरण गुनौर जनपद अंतर्गत आने वाली बमुरहा ग्राम पंचायत का है जहां बमुरहा ग्राम पंचायत में सीसी सड़क के नाम पर लाखों रुपए की राशि का गबन कर लिया गया साथ ही विधायक निधि से सेंक्शन हुई मुर्मी करण की राशि सरपंच सचिव अपने गुर्गों के साथ मिलकर डकार गए और जिस सड़क के लिए राशि स्वीकृत हुई थी वह आज दलदल के रास्ते में तब्दील हो गई है ग्रामीणों ने अपनी व्यथा बताते हुए सरपंच सचिव व सरपंच के हितैषियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

दरअसल गुनौर जनपद की बमुरहा ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत भवन से लेकर शंकरगढ़ तक 5 लाख की सीसी निर्माण का बजट शासन द्वारा तय किया गया था जिसे सरपंच सचिव द्वारा राशि आहरण करके बन्दर वाट कर दिया मगर सीसी सड़क आज तक नहीं बनी तो वही विधायक निधि से मिले 10 लाख रुपए भी सड़क निर्माण की वजह सरपंच सचिव के जेब में समा गई जिससे आज रास्ता कीचड़ में तब्दील है और आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है स्कूली बच्चे भी स्कूल जाने में दो चार होते नजर आते हैं ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी सड़क निर्माण की राशि 5 लाख 67 हजार रुपए एवं विधायक निधि की राशि 10 लाख रुपए सरपंच सचिव द्वारा बंदरबांट कर दी गई है मगर निर्माण कार्य नहीं कराया गया तो वही पंचायत के तालाब की सफाई के नाम पर भी रुपए निकाले गए मगर आज तक पंचायत में कहीं पर भी सफाई नहीं की गई जिससे गांव का जीवनदाई तालाब गंदगी में तब्दील हो गया वही पीएम आवास के पात्र हितग्राहियों का कहना है कि सरपंच सचिव द्वारा पीएम आवास स्वीकृत कराने के लिए 10 हजार रुपयों की मांग की जाती है जिन लोगों ने कमीशन के नाम पर सचिव को रुपए दे दिए उनका कार्य कर दिया गया और जिसने पैसे देने से इनकार कर दिया उनको अपात्र करके झोपड़पट्टी में रहने के लिए धकेल दिया गया इन तमाम योजनाओं पर हुए भ्रष्टाचार को लेकर जिम्मेदार आंखों में पट्टी बांधकर धृतराष्ट्र बने हुए हैं भ्रष्टाचारी सरपंच पर लगाम लगाने की वजह जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण निद्रा में सोए हुए हैं ग्रामीणों की पन्ना कलेक्टर से मांग है कि वह ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराकर ग्राम के विकास कार्य करवाए जाएं.
वहीं इस विषय पर एडिशनल जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है पंचायत के विकास कार्यों की जांच कराकर दोषियों पर दंडनीय कार्यवाही की जाएगी.
