मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में सीएमओ ने अधिकारियों के साथ की बैठक | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में सीएमओ ने अधिकारियों के साथ की बैठक | New India Times

मंडलायुक्त रंजन कुमार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कोविड वैक्सीनेशन व जांच सहित अन्य सुधार हेतु निर्देश दिए गए हैं। जिसके क्रम में सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान एसीएमओ डॉ. अश्विनी कुमार, एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित, एसीएमओ डॉ. बीसी पंत, एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, एसीएमओ डॉ. कुलदीप आदिम मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने कहा कि मंडलायुक्त रंजन कुमार द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में कोविड वैक्सीनेशन को माह के अंत तक शत-प्रतिशत करना सुनिश्चित किया जाना है। इसे लेकर शहरी क्षेत्र सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत वैक्सीनेशन कर रही टीमों को अब सुबह 9 बजे से वैक्सीनेशन शुरू करना होगा। कार्य में लापरवाही करने वालों पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी। जिले में मनाई गई है उनसे जो निगरानी समितियां बनाई गई हैं उन सभी से आईसीसीसी कॉल सेंटर से नियमित कॉल कर संपर्क किया जाएगा। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी निगरानी समितियों को लेकर कॉल सेंटर बनाए जाएंगे। सभी निगरानी समितियां एक्टिव रहें इसके लिए सभी एसीएमओ लगातार निगरानी करेंगे जो भी कोरोना के मरीज होम आइसोलेशन में हैं उनकी निगरानी और उनसे संपर्क के लिए कॉल सेंटर पर दो की जगह 4 लोग लगाए जाएंगे। मरीज बढ़ने पर इस संख्या को और बढ़ाया जाएगा। वैक्सीनेशन की फीडिंग के लिए दो और कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए जाएंगे। मंडलायुक्त का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए सभी को सहयोग और टीम भावना से काम करने की जरूरत है। किशोर-किशोरियों के चल रहे वैक्सीनेशन को लेकर उन्होंने साफ निर्देश दिया है कि माह के अंत तक लक्ष्य 282033 के सापेक्ष शत-प्रतिशत होना सुनिश्चित कराएं।

छोटे बच्चों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत उन्होंने बताया कि बच्चों को जो औषधि एक किट भेजी जा रही है उसमें प्रिसक्रिप्शन का पर्चा अवश्य डालें। साथ ही डॉक्टर उन्हें दवा लेने के तरीके से भी अवगत कराएं। कॉल सेंटर पर छह स्मार्टफोन और बढ़ाए जाए, जिससे तकनीक का फायदा उठाते हुए कोविड संक्रमित मरीजों से बेहतर कम्युनिकेशन किया जा सके। पॉजिटिव केस के साथ ही नेगेटिव केस को भी पोर्टल पर चढ़ाना सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि अब से जांच टीम भी औषधीय किट रखेगी, अगर एंटीजन किट में कोई भी पॉजिटिव आता है तो उसे तत्काल औषधि किट उपलब्ध कराएं। 108 एंबुलेंस का एक अधिकारी आईसीसीसी कॉल सेंटर पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगा और एंबुलेंस की 2 गाड़ियां एमसीएच विंग पर 24 घंटे एक्टिव रहेंगी।

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