मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

शादी एक अटूट बंधन पति-पत्नी को विश्वास की डोर में बांधे रखती जिसे मृत्यु जुदा कराती है लेकिन जब इस पवित्र रिश्ते को किसी की नजर लग जाए तो दरार आना स्वाभाविक है। आये दिन पति पत्नी के बीच लड़ाई झगडे से नौबत घर टूटने की बन जाती है। कोरोना काल लाकडाउन में दोनों परिवारों के बीच सामाजिक रिति-रिवाजों से सात फेरे लेने और वचन संकल्प लेकर विवाह सम्पन्न हुआ। परिणय सूत्र में बंधने के बाद दांपत्य जीवन की गाड़ी एक वर्ष तक नहीं चली। पति द्वारा एक गांव की युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले गया. बात जब सामाजिक स्तर पर उठी तो तीखी आलोचना भी हुई और लड़की के पिता ने लापता सूचना पुलिस में दर्ज कराई. जब पुलिस ने युवक को थाने पेश करने युवक के परिजन पर दबाव बनाया तो बिना देरी किए युवक युवती बेशर्मी त्याग कर पुलिस थाने पहुंचे आपसी सहमति से नई नवेली दुल्हन (प्रेमिका) युवक के साथ रहने के लिए तैयार हुई जिसपर युवक की पहली पत्नी को पति द्वारा किए इस कृत्य से आघात लगा और स्वयं को किनारा करना ही उचित समझा और उन्हें दो टूक शब्दों में अलग होने का निर्णय लिया। हालांकि युवक दोनों पत्नियों को साथ रखने के लिए तैयार था। इस मामले को रफा-दफा करने के लिए समाज के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति थी। इस घटनाक्रम को लेकर दिन भर चर्चा का बाजार गर्म रहा।
