मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
महाराष्ट्र में किसानों के आत्महत्या का सिलसिला जारी है। यवतमाल जिले में 3 तथा भंडारा जिले में 1 किसान ने फसल बराबर न होने तथा कर्ज के बोझ से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
यवतमाल की उमरखेड तहसील के टाकली (ई) निवासी युवा किसान गोकुल राठोड (37) ने कीटनाशक नासक दवा पीकर आत्महत्या कर ली। गोकुल ने अपने खेत में ही कीटनाशक पी लिया था। सात दिनोंकतक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई। उस पर जिला सरकारी बैंक और स्टेट बैंक का कर्ज होने की जानकारी परिजनों ने दी है। इसी तरह रालेगांव तहसील के सगमा निवासी शेषराव थुटुरकर (45) ने जहर पी लिया तथा महागांव तहसील के करंजखेड के किसान रमेश जाबुतकर(41) ने फांसी लगा ली। शेषराव थुटूरकर के पास तीन एकड़ खेती हैं, उस पर सेवा सहकारी सोसाइटी के 51 हजार रुपए बकाया थे। इसी प्रकार रमेश जाबुतकर ने शनिवार को दोपहर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता के नाम पर ढाई एकड़ और पत्नी के नाम पर दो एकड़ खेती पर उसने कर्ज ले रखा था। इसी तरह प्रभाकर नामक किसान ने अपने घर में कीटनाशक पी लिया।जानकारी के अनुसार भंडारा जिले के लाखांदुर थाना क्षेत्र के ग्राम मासल में कर्ज से परेशान 60 वर्षीय किसान ने कीटकनाशक पी लिया। सात दिनों बाद जिला अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। मृतक प्रभाकर दोनोडे की गां में 0.13 हेक्टेयर खेती हैं। प्रभाकर की 4 बेटियां और एक बेटा है। बेटी की शादी के लिए उसने रिश्तेदारों से कुछ पैसे लिए थे, इसमें से 1.5 लाख की रकम लौटानी बाकी थी। सेवा सहकारी संस्था का 22 हजार रु. का कर्ज था।
