पटाखा फैक्ट्री अग्नि कांड में अबतक 7 लोगों की हो चुकी है मौत और 12 से अधिक हैं घायल; मरने वालों के परिजनों को शीघ्र मिले मुआवजा: जयवीर गोदारा | New India Times

भैरु सिंह राजपुरोहित, बीकानेर (राजस्थान), NIT; ​​पटाखा फैक्ट्री अग्नि कांड में अबतक 7 लोगों की हो चुकी है मौत और 12 से अधिक हैं घायल; मरने वालों के परिजनों को शीघ्र मिले मुआवजा: जयवीर गोदारा | New India Timesलकल बीकानेर शहर के पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अबतक 7 लोगों की जान जा चुकी है और 12 से अधिक लोगष घायल हैं जिनका उपचार चल रहा है।

पटाखा फैक्ट्री अग्नि कांड में जहाँ 7 लोगों की मौत हुई है और 12 लोग घायल हुए हैं वहीं इस हादसे में कई मकान धराशायी हो गये हैं । इस हादसे के बाद सरकार से मुआवजे की मांग को लेकर कई नेताओं ने पीबीएम की मोर्चरी के आगे धरना-प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की है।​पटाखा फैक्ट्री अग्नि कांड में अबतक 7 लोगों की हो चुकी है मौत और 12 से अधिक हैं घायल; मरने वालों के परिजनों को शीघ्र मिले मुआवजा: जयवीर गोदारा | New India Timesमरू प्रदेश निर्माण मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयवीर गोदारा ने इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि सम्बन्धित अधिकारियों की लापरवाही और जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते आम लोगों की जानईगई है। सरकार को तुरंत अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए। जयवीर गोदारा ने मुख्यमंत्री को एक पत्र फैक्स कर मरने वालों के परिवारों और घायलों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।​हादसे के बाद आईजी विपीन पांडेय, कलेक्टर अनिल गुप्ता, संभागीय आयुक्त सुआलाल की अध्यक्षता में मृतकों के मुआवजे को लेकर एक वार्ता की गई। वार्ता में हाजी मकसूद अहमद ने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 25-25 लाख का मुआवजा दिया जाये और घर में किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी का लाभ दिया जाये व उनका पोस्टमार्टम भी मेडिकल बोर्ड गठित कर करवाने की मांग की गई। शहर में आगे भी कभी ऐसी घटना घटित न हो इसके लिए प्रशासन को सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के अंदरूनी इलाकों में अभी तक कई स्थानों पर ऐसे गोदाम और फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जो कभी भी ऐसी घटना का सबब बन सकती हैं। हाजी मकसूद अहमद ने कहा कि ऐसे सभी गोदाम और फैक्ट्री संचालकों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाये, ताकि शहर में कभी भी कोई इस प्रकार का हादसा न हो ।

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