अतिश दीपंकर, भागलपुर (बिहार), NIT;
बिहार के भागलपुर जिले में फायरिंग करने के शक में एक महिला प्रधान के पति ने एक युवक को इस बुरी तरह से पीटा कि उसकी मौत हो गई लेकिन पुलिस सियासी दबाव के कारण आरोपी को गिरफ्तार करने से हिचकिचा रही है। पुलिस के इस लचर रवैये से बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल खडे हो रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार भागलपुर जिला के घोघा थाना क्षेत्र के कोदवार गांव के मुखिया पति जयप्रकाश मंडल ने एक युवक को बुरी तरह पिटते हुये घोगा थाना लाया। घोगा थाना पुलिसी ने उस युवक की मेडिकल भी करवाई और उसने बाद दम तोड दिया। इसकी पुष्टि कहलगाॅव DSP रामानंद कुमार कौशल ने कर दी है। हालांकि एक अन्य को भी मुख्या पति ने पीटा था जिसका इलाज अभी चल रहा है। इस संबंध में मुखिया पति जय प्रकाश मंडल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, “जिसको मरना था वह मर गया, वह पार्टी मना रहे थे।”
आरोप लगाया जा रहा है कि बिहार में जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार ही कानून को तार -तार करते हैं और बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार यह कहते हैं कि कानून अपना काम करेगा, जबकि यहां की धज्जियां उड़ रही हैं।सइस हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। इस संबंध में जब घोगा थाना प्रभारी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने व्यस्तता की बात कहकर मामले को टालने की कोशिश की। लोगों का आरोप है कि आए दिन यहां दिनदहाडे गुंडा गर्दी होती है और पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं कर पाती है। बताया जाता है कि इस घटना में आरोपी युवक को थाने में पीटते हुये लाया था ऐसे में पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बजाए जाने दिया और अब पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।मृतक युवक के परिजनों ने पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है उसके बावजूद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। लोगों का आरोप है कि शायद पुलिस कोई बडा राजनीतिक दबाव आ रहा है जिस कारण वह गिरफ्तारी से कतरा रही है। हालांकि पिछले दिनों चोरी के मामले में त्वरित करवायी करते हुए पुलिस ने चोरों को पकड़ लिया था लेकिन जब कोई जनप्रतिनिधि किसी गांव के युवक को पीट – पीट कर मार दता है तो पुलिस उदासीन क्यों हो जाती है ? यह लोगों के समझ से बाहर है। दरअसल पिछले दिनों मुखिया पति पर कुछ लोगों ने गोली चलाई थी। इस मामले को लेकर मुखिया पति ने थाने में कुछ ज्ञात एवं कुछ अज्ञात लोगोंरपर एफआईआर दर्ज कराई थी। मुखिया पति को शक था कि मृतक युवक भी गोली मारने में शामिल था। इसी शक में मुखिया पति युवक को पीटते हुए थाने में लाया था। इस संबंध में डीएसपी रामानंद कुमार कौशल ने कहा कि, गाॅव वालों का कहना है कि , जो गोली मारा उसी का मुख्या पति सपोर्ट करता है। इसे लेकर पॉलिटिक्स भी गाॅव में हो रहा है। लोगों का कहना है कि कारण जो भी हो मुखिया पति को किसी की हत्या करने का अधिकार नहीं है और पुलिस की सक्रियता इस मामले में नहीं दिख रही है और आरोपी को भी भय नहीं है। वह खुद कह रहा है कि मैं पार्टी में हूं जिसे मरना था तो वह मर गया। इससे बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति साफ दिख रही है।
