1857 की क्रान्ति की ज्वाला वीरांगना झलकारी बाई स्मारिका का हुआ विमोचन, झलकारी बाई संग्रहालय के निर्माण के लिए की गई मांग | New India Times

अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

1857 की क्रान्ति की ज्वाला वीरांगना झलकारी बाई स्मारिका का हुआ विमोचन, झलकारी बाई संग्रहालय के निर्माण के लिए की गई मांग | New India Times

नारी शक्ति नमन कार्यक्रम के अंर्तगत आज अखिल भारतीय कोरी/कोली महासभा की झांसी शाखा द्वारा प्रकाशित 1857 की क्रान्ति की ज्वाला वीरांगना झलकारी बाई के बलिदानी जीवन पर आधारित स्मारिका का विमोचन प्रगति सोशल डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राहुल रिछारिया के करकमलों से हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्र गौरव स्मृति संस्थान के अध्यक्ष अमीर चंद आर्य ने की।

विशिष्ट अतिथि राष्ट्र गौरव स्मृति संस्थान के संरक्षक और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव मनीराम कुशवाहा रहे। इस मौके पर राहुल रिछारिया ने कहा कि प्रथमस्वतंत्रता संग्राम की दीपशिखा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की सहेली और महिला सेना की सेनापति वीरांगना झलकारी बाई ने तर वीरता का परिचय देते हुए अपने प्राणों को आहुति दी थी। संपूर्ण जगत में नारी जाति का सम्मान बढ़ाया। हम नारी शक्ति को मन करते है। विशिष्ट अतिथि मनीराम कुशवाहा ने कहा कि 1857की क्रान्ति में झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के साथ झलकारी बाई ने अंग्रेजो के खिलाफ संघर्ष करते हुए देशभक्ति का अतुलनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में अमीर चंद आर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झांसी आगमन पर 2014 में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत और झांसी दुर्ग में प्रस्तावित वीरांगना झलकारी बाई पुरातात्विक संग्रहालय का निर्माण कार्य प्रारंभ कराने को मांग की। इस मौके पर मनोज तिवारी, ऋषभ साहू, ओमप्रकाश बुंदेला, हरनारायण रमैया, सुनील कुमार, नरेश कुमार एडवोकेट, राजकुमार, लक्ष्मण, शेखर नल वंशी, बादशाह इंद्रजीत, आकाश गौतम, राहुल चौहान, शबनम आदि उपस्थित रहे।

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