शाहनवाज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल के गांधी भवन में मध्य प्रदेश लोकतांत्रिक अधिकार मंच (MPDRF) के तत्वाधान में फ़ासिवादी दौर में प्रतिरोध विषय पर परिचर्चा के आयोजन में मुख्यत: मुंबई से आये धर्मर्निरपेक्षता व साझी सांस्कृतिक विरासत के प्रमुख हस्ताक्षर प्रोफेसर रामपुनियानी जी ने सम्बोधित किया। परिचर्चा में अपनी बात रखते हुए प्रोफेसर राम पुनियानी ने कहा कि देश की वर्तमान सरकार लगभग सभी लोकतांत्रिक संस्थानों को ख़त्म करने पर अमादा है। कला, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का भगवाकरण किया जा रहा है, स्वतंत्रता आंदोलन में पैदा हुए समता, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों व साझी शहादत- साझी विरासत के गौरवशाली इतिहास को विकृत करते हुए भारतीय संविधान को बदलना चाहती है। उन्होंने बिखरते भारतीय लोकतंत्र और उभरते हुये फ़ासीवाद पर चिंता ज़ाहिर करते हुए वंचित – शोषित वर्गों की एकता पर ज़ोर दिया.

इस आयोजन में मुस्लिम महासभा भोपाल ने प्रोफेसर राम पुनियानी जी को रहबर-ए-इंसानियत ख़िताब से नवाज़ते हुए पगड़ी पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया.
इस अवसर पर मुस्लिम महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुनव्वर अली खान, प्रदेश सचिव यूसुफ खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रशीदा खानम, प्रदेश सलाहकार फरीद क़य्युमी साहब, प्रदेश संगठन मंत्री मोहम्मद फहीम उद्दीन, प्रदेश महा सचिव इरशाद अली ख़ान, भोपाल जिला अध्यक्ष सैय्यद मोहम्मद अली, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद मुबीन, विदिशा जिला अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शोएब ख़ान, कार्यकारिणी सदस्य नर्गिस ख़ान, कार्यकारिणी सदस्य आज़म गौरी, मोहम्मद ज़फ़र, मोहम्मद शेहज़ाद, वकील हाशमी, फैजा॓न खान, आमिर अली आदि उपस्थित थे।
