अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि कोरोना प्रबन्धन में राज्य की सर्वत्र सराहना हुई है। कोरोना टीकाकरण का कार्य भी इसी प्रकार सफलतापूर्वक सम्पन्न किया जाना चाहिए। कोविड टीकाकरण के लिए पात्र लगभग 15 करोड़ प्रदेशवासियों में से अब तक 9.95 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगा दी गयी है। पौने पांच करोड़ लोगों को अभी भी कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी जानी बाकी है। माह नवम्बर, 2021 के अंत तक 100 फीसदी पात्र व्यक्तियों को कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज लगायी जानी है। इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना के माध्यम से राज्य में प्रतिदिन 25 से 30 लाख कोरोना टीकाकरण किया जाए। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए, अन्यथा सम्बन्धित की जिम्मेदारी तय की जाएगी, बुंदेलखंड के जनपदों में जनपद झांसी के टीकाकरण कार्य की सराहना की, जनपद झांसी प्रदेश में टॉप 5 जनपदों में शामिल है।
मा.मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर जनपदीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वैक्सीनेशन, छठ पूजा सहित कार्तिक माह में सम्पन्न होने वाले पर पर्वों एवं मेलों का प्रबन्धन, धान क्रय केन्द्रों के संचालन, डी0ए0पी0 की उपलब्धता, निराश्रित गोआश्रय स्थलों का प्रबन्धन, रैन बसेरों की व्यवस्था आदि की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं सीएमओ कोरोना टीकाकरण के कार्य को पूरी गम्भीरता सेलेकर प्रभावी ढंग से सम्पन्न कराएं। कोरोना टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी प्रतिदिन सायं 06 बजे से 07 बजे के मध्य सीएमओ, एसीएमओ आदि अधिकारियों के साथ कोरोना टीकाकरण की प्रगति की नियमित समीक्षा करें। मा.मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सीएमओ, एसीएमओ, एमओआईसी आदि अधिकारी नियमित रूप से कोरोना टीकाकरण केन्द्रों का भ्रमण कर निरीक्षण करें। जिलाधिकारी राजस्व, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास आदि विभागों के अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से कोरोना टीकाकरण की गति बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 40 लाख कोरोना टीकाकरण की क्षमता है। आगामी डेढ़ महीनों तक राज्य में प्रतिदिन औसतन 25 लाख से 30 लाख कोरोना टीकाकरण का प्रयास किया जाए।
मा. मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड टीकाकरण में गौतमबुद्ध नगर, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, लखनऊ और बुंदेलखंड के विभिन्न जनपदों में से झांसी जनपद में 75 फीसदी से अधिक लोगों को टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है, या प्रशंसनीय कार्य है , जबकि फिरोजाबाद, बलिया, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अलीगढ़, सोनभद्र, हॉपुड़, आजमगढ़, फर्रुखाबाद सहित 34 जनपदों में अब तक 65 फीसदी से कम प्रथम डोज लगाई है। इसमें तत्काल सुधार किया जाना चाहिए। कोरोना टीकाकरण के कार्य को प्रभावी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एक नोडल अधिकारी तैनात करें। नोडल अधिकारी जनपदों से संवाद बनाकर कोरोना टीकाकरण की प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्राप्त करें तथा कोरोना टीकाकरण के सम्बन्ध में शिथिलता बरतने वाले जनपदों के सम्बन्ध में साप्ताहिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भी उपलब्ध कराएं।
मा.मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 10 व 11 नवम्बर को छठ का पर्व है। छठ के अवसर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ आदि महानगरों में नदियों, सरोवरों आदि पर भीड़भाड़ की सम्भावना रहती है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व पर नदियों, तालाबों आदि के तटों पर साफ-सफाई तथा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाए। जिन जनपदों में छठ का पर्व बड़े स्तर पर मनाया जाता है, उन जनपदों में जिलाधिकारी स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कार्तिक मास में विभिन्न जनपदों में बड़े मेले आयोजित किए जाते हैं। इन जनपदों में सम्बन्धित जिलाधिकारियों द्वारा स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित किया जा सकता है। मा.मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कार्तिक माह के पर्वों एवं मेलों में पब्लिक एडेªस सिस्टम के माध्यम से कोरोना संक्रमण के सम्बन्ध में जागरूकता की व्यवस्था की जाए।
मा.मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 01 नवम्बर, 2021 से धान क्रय केन्द्रों के माध्यम से धान खरीद का कार्य प्रारम्भ हो गया है। सभी जनपदों में निर्धारित संख्या में क्रय केन्द्रों का संचालन किया जाए। जिलाधिकारी, सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा कर 24 घण्टे में सभी धान क्रय केन्द्रों का संचालन सुनिश्चित कराएं। धान क्रय केन्द्रों के संचालन में शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध स्थानीय स्तर पर कार्यवाही की जाए। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले विभागों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि धान क्रय केन्द्रों सुचारु संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। एस0डी0एम0, तहसीलदार तथा खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों द्वारा भी क्रय केन्द्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा शिकायत पाए जाने पर जांच कर कार्यवाही की जाए।
मा.मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में डी0ए0पी0 की पर्याप्त उपलब्धता है। राज्य में प्रतिदिन डी0ए0पी0 की 08 से 10 रैक आ रही है। कृषि एवं सहकारिता विभाग पारस्परिक संवाद एवं समन्वय के माध्यम से डी0ए0पी0 की नियमित सप्लाई चेन को बेहतर बनाने लिए आवश्यक कार्यवाही करें। किसानों को डी0ए0पी0 सुचारु रूप से तथा निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जनपदों में डी0ए0पी0 की तस्करी रोकने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।
मा.मुख्यमंत्री जी ने गोआश्रय स्थलों के समुचित प्रबन्धन के निर्देश देते हुए कहा कि गोआश्रय स्थलों पर चारे, साफ-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। ठण्ड के दृष्टिगत गोवंश के इससे बचाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर राजस्व विभाग के अधिकारी द्वारा गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सहभागिता योजना के तहत किसानों एवं कुपोषित बच्चों वाले परिवारों को गाय उपलब्ध करायी गयी है। विभिन्न जनपदों में यह कार्य सराहनीय ढंग से सम्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बात की समीक्षा होनी चाहिए कि गाय की देखभाल ठीक ढंग से की जा रही है तथा सम्बन्धित को निर्धारित 900 रुपये की धनराशि प्रतिमाह उपलब्ध करायी जा रही है।
मा.मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस वर्ष बरसात अधिक होने से अधिक ठण्ड की आशंका है। इसके दृष्टिगत अलाव जलाने की जगहों को पहले से चिन्हित किया जाए। रैन बसेरों के संचालन एवं कम्बल वितरण के सम्बन्ध में राजस्व विभाग द्वारा अभी से व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी को भी सड़क, चौराहों, मूर्ति स्थलों तथा खुले में न सोना पड़े। ऐसे स्थलों पर सोने वाले लोगों को रैन बसेरे में पहुंचाया जाए। प्रत्येक थाना क्षेत्र में इस सम्बन्ध में नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था हो।
इस अवसर पर एनआईसी कक्ष में मंडलायुक्त डॉ अजय शंकर पांडेय, डीआईजी श्री जोगेंद्र कुमार, जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शिव हरी मीणा, नगर आयुक्त श्री अवनीश कुमार राय, एडी हेल्थ डॉ कल्पना बरतारिया, सीएमओ डॉ. अनिल कुमार, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एनएस सेंगर,एसीएमओ डॉ. एनके जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
