फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT;
जिला अस्पताल बहराइच में सरकार के लाख चाहने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो रहा है। बदहाल व्यवस्था मरीजो के शोषण का कारण बन रही है। यूँ तो योगी सरकार ने अस्पतालों की व्यवस्था चुस् दरुस्त करने के लिए तमाम फरमान जारी किये हैं, लेकिन सुधार के दवे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। अल्ट्रासाउंट मशीन एक वर्ष से धूल खा रही है लेकिन अभी तक अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई है। नतीजा यह है कि अस्पताल में गरीब मरीज दर दर भटकने पर मजबूर हैं और उन्हें निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भारी भरकम रकम चुकानी पड़ रही है जिस में से जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सकों और दलालों को मोटी रकम कमीशन के रूप में मिल रही है।
आरोप है कि चिकित्सकों न बाकायदा मरीजों को अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ले जाने और लाने के किये अपने एजेंट फिट कर रखे हैं।
योगी सरकार में चिकित्सको को बाहर की दवाईयां व जांच न लिखने का सख्त फ़रमान तो जरूर सुनाया है पर चिकित्सकों पर इन आदेशों का कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। चिकित्सक जमकर मरीजों का शोषण कर रहे हैं। कभी जांच, दवाएं और अल्ट्रासाउंड के नाम पर मरीजों से जमकर धन उगाही की जा रही है तो कभी किसी और जरिए से। ये सब खुले आम उच्य अधिकारियो की नाक के नीचे हो रहा है लेकिन शायद इन गरीब मरीजों की मजबूरियों की सिसकियां इन अधिकारियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
इस सम्बन्ध में जब मुख्य चिकित्सा अधिक्षक डॉक्टर ओ0पी0 पाण्डेय से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष से अल्ट्रासाउंड के चिकित्सक न होने से मशीन बन्द पड़ी है। अल्ट्रासाउंड चिकित्सक की तैनाती में के बारे में पूछने पर चुप्पी साध गये। आखिर कबकतक यहां गरीब मरीजों का शोषण होता रहेगा?
