त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विधालय देवरी के सहायक ग्रेड-2 पर पदस्थ बाबू सतीष पटेल जो वहां स्थानातरण होकर करीब दो दिन पहले ही आये हैं जबकि शिक्षा की स्थानातरण नीति में तीन वर्ष का नियम है कि उसके पहले स्थानातरण नहीं किया जा सकता है मगर उसके बाद भी उनका शिक्षा विभाग के ग्रुप में एक फर्जी स्थानांतरण आदेश डाला गया जो दिनांक 31 अगस्त को जारी हुआ बताया जा रहा है जिसमें उसका स्थानातरण कर्रापुर करा दिया गया. गजब तो तब हो गया जब पता चला कि आदेश सिर्फ व्हाट्सएप ग्रुप में डला है जबकि स्थानातरण आदेश की कापी पोर्टल व मेल पर नहीं है न रिकार्ड है व ग्रुप में डले आदेश में एक जगह 31/07/2021 दिनांक चढी तो एक जगह 31/9/2021 दिनांक चढी है मतलब दिनांक में भी छेड़छाड़ की गई है. इस मामले में भी जिला शिक्षा अधिकारी अजब सिंह का गजब ही खेल देखने को मिला कि इनके द्वारा राजनैतिक दोष भावना के चक्कर में स्वंय ने ही शासन के स्थानातरण नीति का खुला उल्लंघन कर दिया. पीडित बावू मानसिक प्रताडित है व पीडित हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाने जा रहा है वहीं शासन की नीति बिरुद्ध तथा बीमार बाबू का स्थानांतरण होने पर मानसिक रूप से परेशान हो रहे थे जिसके बारे में विगत समय पहले उनकी धर्मपत्नि सुधा पटेल ने अपने पति की मानसिक स्थिति तथा मानसिक परेशानी को बताया था कि वो टेशंन के कारण खाना पीना नहीं खा रहे हैं उनका स्वास्थ दिनों दिन खराब हो रहा है वो जिला शिक्षा अधिकारी सागर अजब सिह जी के कारण मानसिक प्रताडित हैं जिसके बाद सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विधायल महाराजपुर के बाबू सतीष पटेल की दोपहर करीब दो बजे अचानक ज्यादा ही तबियत खराब होने से वो घर में चक्कर खाकर गिर गये तो परिवार जनों द्वारा तुरंत देवरी सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में डॉक्टर को दिखाकर भर्ती कराया जिनका इलाज जारी हो गया है. डॉक्टर ने मानसिक रूप से परेशान होने के कारण इनका स्वास्थ खराब होना बताया है. वही शिक्षा विभाग के बीमार बाबू सतीष पटेल की पत्नि सुधा पटेल ने आरोप लगाया है कि जिला शिक्षा अधिकारी अजब सिंह के कारण मेरे पति बीमार हुये हैं जिनकी आज तबियत ज्यादा खराब हुई तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है, यदि मेरे पति व मेरे परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई दुखद घटना घटती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी सागर की होगी.
