अवेस सिद्दीकी, अकोला ( महाराष्ट्र ), NIT;
किसान आत्महत्या लफज का समाज के मन पर होने वाले गलत परिणाम को रोकने के लिए अकोला जिलाधिकारी आस्तिककुमार पाण्डेय ने आगे आते हुए प्रशासकीय यंत्रणा की बैठक में “शेतकरी आत्महत्या” लफज न उपयोग करने का फरमान जारी किया है। किसान आत्महत्या शब्द ना उपयोग करते हुए इसे “आत्मघाती निधन” लफज इस्तेमाल करने का निर्देश उन्होंने दिया है।
बैठक में शेतकरी आत्महत्या लफज इस्तेमाल करने पर संबंधित किसानों को खुदकुशी करने के लिए प्रवृत्त करने वाला गुनाह साबीत होने का इशारा जिल्हाधिकारी ने दिया है। आर्थिक कमी की वजह से परिवार के पालण पोषण की जबाबदारी निभाना मुश्किल होने से राज्य में खुदकुशी के वारदात बढ गए हैं।विगत दस पंद्रह साल से “शेतकरी आत्महत्या” लफज समाज पर गलत असर डाल रहा है, इसी के चलते जिल्हाधिकारी आस्तिककुमार पाण्डेय ने जिले की प्रशासकीय यंत्रण को काम पर लागा दिया है तथा शासकीय काम काज में इस लफज को बंद करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी से सहायता का अनुरोध भी किया है।
