बुरहानपुर अधिवक्ता संघ के निर्वाचन में वरिष्ठ अधिवक्ता यूनुस पटेल अध्यक्ष निर्वाचित | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर अधिवक्ता संघ के निर्वाचन में वरिष्ठ अधिवक्ता यूनुस पटेल अध्यक्ष निर्वाचित | New India Times

बुरहानपुर अधिवक्ता संघ के निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट खलील अंसारी ने बताया कि अधिवक्ता संघ के निर्वाचन में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एडवोकेट यूनुस पटेल 25 मतों से विजयी हुए हैं। उन्हें 184 मत प्राप्त हुए हैं जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश वाढे को 159 मत प्राप्त हुए हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए अधिवक्ता मनोज मेहरा, सचिव पद के लिए अधिवक्ता विनोद काले, सह सचिव पद पर युवा अधिवक्ता भूपेंद्र जुनागढ़े, कोषाध्यक्ष पद पर संजय विजयवर्गीय, लाइब्रेरियन पद पर सूरज राठौर विजयी घोषित हुए हैं। कार्यकारिणी सदस्य वरिष्ठ महिला के पद पर श्रीमती सरोज गांधी एवं सुश्री नसीम शेख अधिवक्ता गण निर्वाचित हुई हैं। कार्यकारिणी सदस्य कनिष्ठ महिला के पद पर कुमारी पायल गुप्ता विजयी घोषित हुई हैं। वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य वरिष्ठ पुरुष के पद पर दिनेश कुमार शंकपाल, विवेक कासखेड़ीकर, संदीप शाह, सतीश चौधरी, तन्मय पुरोहित, घनश्याम शाह, सुधीर कुमार मिसाल घोषित किए गए हैं। अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ एडवोकेट यूनुस पटेल की जीत प्रारंभ से ही सुनिश्चित मानी जा रही थी। बताया जा रहा है कि निर्वाचित अध्यक्ष यूनुस पटेल को इस पद पर पदस्थ होने से रोकने के लिए बहुत सारे हथकंडे भी विरोधियों द्वारा अपनाए गए। निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कुछ आपत्तियां भी उनके खिलाफ प्रस्तुत की गई थीं लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने सभी उम्मीदवारों के विरुद्ध आई आपत्तियों को निरस्त कर दिया था। इस दौरान जातिवाद की भावना भी फैलाने के समाचार हैं लेकिन यूनुस पटेल की मज़बूत पकड़ के कारण ऐसे उम्मीदवारों को विद्वान अधिवक्ताओं ने नकार दिया और योग्य उम्मीदवारों की ताजपोशी की। सह सचिव पद पर युवा अधिवक्ता भूपेंद्र जूनागडे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 224 मत प्राप्त किया। कोषाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ अधिवक्ता अब्दुल वकील खान को चयनित ना करना भी चर्चा में है और माना जा रहा है कि एक योग्य अधिवक्ता को जान बूझकर साजिश के तहत दूर रखा गया है। पूरे निर्वाचन में बबली और बंटी की भूमिका भी चर्चा का विषय रही। अधिवक्ता यूनुस पटेल के जीतने पर सोशल मीडिया के माध्यम से उनके हितेषीयों, मोहब्बत करने वालों और समर्थकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नवनिर्वाचित अध्यक्ष यूनुस पटेल ने अपनी इस जीत को हिंदू मुस्लिम एकता की जीत बताया है। वही गुजराती समाज के तीन बंधुओं श्रीमती सरोज गांधी, संदीप शाह, घनश्याम शाह के विजयी होने पर पूर्व पार्षद राजेश भगत ने समाज बंधुओं की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है। बुरहानपुर अधिवक्ता संघ के इस निर्वाचन में अधिवक्ता गणों ने न्याय का मंदिर में एक विशेष विचारधारा को नकार दिया है। वहीं निर्वाचन अधिकारी ने भी अपने दो सहायकों के साथ निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निर्वाचन को संपन्न कराया है।

By nit

One thought on “बुरहानपुर अधिवक्ता संघ के निर्वाचन में वरिष्ठ अधिवक्ता यूनुस पटेल अध्यक्ष निर्वाचित”
  1. जिला अधिवक्ता संघ, बुरहानपुर (मध्यप्रदेश) से अपील प्राप्त समाचारों के अनुसार बुरहानपुर जिला अदालत के 2016 में 14-15 करोड़ रुपए की लागत से बने नए भवन में शिफ्ट होने के बाद से ही सभी के साथ कुछ न कुछ परेशानी चल रही है। कुछ वकीलों का अचानक निधन हो गया। इस साल ही वकील मधु खंडेलवाल, राजेश कोरावाला, जाहिद चौधरी, प्रशांत शाह, किशोर गोविंदजीवाला, श्रीरंग धनके का निधन हुआ। दो बाबू और तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी चल बसे। इससे पहले भी चार-पांच वकीलों का निधन हुआ। इनके अलावा रमेश शाह और हेमंत पाटिल सहित कुछ लोग हादसों में घायल हैं। हेमेंद्र गोविंदजीवाला और दिनेश कोरावाला सहित कुछ गंभीर बीमार हैं। इन सब घटनाओं को देखते हुए जिला अधिवक्ता संघ शनिवार को यहां पूजा-अरदास और दुआ का अनुष्ठान व सर्वधर्म सभा करा रहा है। मैं इस पत्र के माध्यम से जिला अधिवक्ता संघ से अनुरोध करना चाहता हूँ कि उन्हें ऐसी आपदाओं से बचने के लिए पूजा-पाठ के बजाय भवन के वास्तु दोष का निवारण करना चाहिए। जिन घटनाओं के बारे में ऊपर उल्लेख किया गया है, वैसी घटनाएं भवन के दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण तथा पश्चिम दिशा में कुँआ, बोरवेल, सेप्टिक टैंक, अंडर ग्राऊंड पानी की टैंक तथा उत्तर-पूर्व दिशा में टॉयलेट-सेप्टिक टैंक आदि की वजह से घटती है। दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण तथा पश्चिम दिशा में कुँआ, बोरवेल, सेप्टिक टैंक, अंडर ग्राऊंड पानी की टैंक अथवा किसी भी प्रकार का गढ्ढा आदि होने से लड़ाई-झगड़ा, कोर्ट केस, दुर्घटना, अकाल मृत्यु सरीखी घटनाएं घटती हैं। विगत 27 सालों से पूर्वोत्तर क्षेत्र के 17,000 परिवारों को नि:शुल्क वास्तु सलाह देने के दौरान मैंने इन दोषों की वजह से एक-एक परिवार में 3-4-5 तक अकाल मृत्यु की घटनाएं घटी देखी हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के दक्षिण-पश्चिम दिशा में बोरवेल होने की वजह से अरुणाचल प्रदेश के तीन मुख्यमंत्रियों की अकाल मृत्यु हो चुकी है तथा दो स्टॉफ द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएं भी घट चुकी हैं। इन घटनाओं को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री पेमा खाण्डू इस आवास में रहने के बजाय अपने घर से ही मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाल रहे हैं तथा उन्होंने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास को अतिथि गृह बना दिया है। दोर्जी खाण्डू के कार्यकाल में इस भवन का निर्माण किया गया था। इस भवन में शिफ्ट होने के बाद दोर्जी खाण्डू हेलीकप्टर दुर्घटना में अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए थे। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री नबाम टुकी ने मुझे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास का वास्तु देखने के लिए बुलाया था। मैंने उनसे मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के दक्षिण-पश्चिम कोने में मौजूद बोरबेल को हटाकर उत्तर-पूर्व में करने को कहा था। उन्होंने ऐसा करने की हामी भी भरी थी, लेकिन कुछ भी वास्तु दोष नहीं सुधरवाया था। उसके छह-सात महीने बाद उनके अलावा उनकी पार्टी के सभी विधायकों ने नई पार्टी का गठन कर लिया, जिससे नबाम टुकी की सरकार गिर गई। बाद में गामलीन मुख्यमंत्री बने लेकिन चंद महीनों बाद ही उनकी हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई। उनके बाद कालिखो पुल मुख्यमंत्री बने, लेकिन चंद महीनों बाद ही उन्होंने आत्महत्या कर ली। इसी दौरान भवन के दो कर्मचारियों ने भी आत्महत्या कर ली। अब अरुणाचल के लोग इसे भूत बंगला कहते हैं। जिला अधिवक्ता संघ, बुरहानपुर (मध्यप्रदेश) से मेरा अनुरोध है कि वे इस भवन में अगर इस प्रकार का कोई दोष है तो उसे सुधरवाने के उपाय करें, वर्ना पूजा-पाठ से कुछ होने वाला नहीं है। – राजकुमार झाँझरी, गुवाहाटी 94350-10055

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version