अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ़, झाँसी (यूपी), NIT:

अमन की नगरी झांसी के मेवतीपुरा शिया इमामियां मस्जिद में अज़ीज़ फ़ात्मा बिन्ते फैयजुल हसन की याद में मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें कोविड 19 के आदेशों के पालन अनुसार संगोष्टी में लोंगों ने बढ़ चढ़ कर श्रद्धांजलि दी. वहीं छोटे छोटे बच्चों ने मरहूम अज़ीज़ फ़ातिमा की याद में कर्बला के दर्द भरे लफ़्ज़ों से श्रद्धांजलि अर्पित की वही वही मर्सिया ख्वानी इन्तेज़ार हुसैन सहाब, अज़ीम हैदर सहाब, साहिबे आलम सहाब ने की उपरान्त मजालिस को झांसी जुमा वल जमाअत आली जनाब सैय्यद शाने हैदर सहाब क़िब्ला ओ क़ाबा ने मजालिस में इंसानियत का पैग़ाम देते हुए एवं कर्बला की शहादत को बताया कि हम हुन्दुस्तानी है और हमको मिल जुल कर रहना चाहिए वही बताया दुनिया का सबसे बड़ा धर्म इंसानियत का है अगर इंसान में सच्चाई है तो कर्बला में रसूल का नवासा अपनी पूरे परिवार की शहादत न करते छ महीने के बच्चे अली असग़र की शहादत न होती ईमाम हुसेन ने सत्य के लिए अपना पूरा घर कुर्बान कर दुनिया में बताया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नही है वहीं अरशद आब्दी अकबर आब्दी ने भी अज़ीज़ फ़ातिमा की याद में अशआर पढ़ कर उनके अच्छे कामो को नमन किया उपस्थित लोगों में ईरान से आए मौलाना फरमान हैदर आब्दी भी मौजूद रहे हाजी अली नवाब मुशर्रफ हुसैन लाल पुलिस लाईन ताज आब्दी तकिउल आब्दी इरशाद आब्दी शाकिर आब्दी सग़ीर आब्दी एहतिशाम अली इत्यादी मौजूद रहे आभार वियक्त अलियन उर्फ मोहसिन एवं एजाज़ अली ने वियक्त किया वही इमामे हुसैन की शहादत पर खून का मातम एवं जंजीर ज़नी कर इमाम को पुरसा दिया.
