त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी विधायक हर्ष यादव का देवरी तहसील परिसर में लगने वाले सप्ताहिक जनता दरवार में इस सप्ताह 28 मामले आये जिसमें जनपद पंचायत स्तर, राजस्व विभाग, नगरपालिका विभाग, पीएचई, बिजली विभाग आदि विभागों के मामले शामिल हैं, जिसमें देवरी विधायक व पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने समस्त ग्रामीणों के शिकायतों पर संवंधित विभाग को एक सप्ताह के अंदर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये. वहीं जनता दरबार में अधिवक्ता संघ ने पहुंच कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. इस दौरान विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार में अधिवक्ता गणों तथा पत्रकारों के साथ मारपीट के मामले आये दिन आ रहे हैं, सरकार का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है. अधिवक्ता व पत्रकार हमारे देश की मुख्य कडी हैं, इनके कारण ही आम गरीब जनता को न्याय मिलता है, इनकी सुरक्षा संबंधित मांग को सरकार को माननी चाहिये तथा जल्द से जल्द प्रोक्टेक्शन एक्ट लागू करना चाहिये साथ ही जनता दरवार में आये शिकायतों पर कहा कि जिस विभाग द्वारा समय सीमा में निराकरण नहीं किया जायेगा उस विभाग के संबंधित अधिकारी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के साथ मोर्चा खोल कार्यवाही की मांग करायी जायेगी. मैं अपने क्षेत्र के लोगों की समस्या के निराकरण कराने के लिए हर तरीके से क्षेत्र की जनता के साथ खड़ा हूँ.
प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने को लेकर विधायक हर्ष यादव को सौंपा ज्ञापन
पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं के ऊपर जानलेवा हमले हो रहे हैं और जान से मारने की धमकी दी जा रही है जिसके संबंध में पूर्व में अनेक ज्ञापन एवं पत्र मुख्यमंत्री को कलेक्टर, एस.डी.एम. तसीलदार तथा रजिस्टर्ड किए है जिसमें अपर सचिव विधि विभाग द्वारा दि. 04.02.21 को प्रोटेक्शन एक्ट वर्तमान में की जानकारी दी गई थी इसके पश्चात एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की कार्यवाही को प्रक्रियाधीन होने की कार्यवाही की सूचना अपर सचिव विधे द्वारा पत्र क्रमांक 1405/21 दि. 06.01.201 को दी गई थी इसके पश्चात पुनः एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने के संबंध में पत्र लिखे जाने पर दिनांक 10 2021 को पत्र का 1740 / 21 को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट प्रक्रियाधीन होने की जानकारी दी गई जिसको लेकर समस्त देवरी के अधिवक्ताओं ने विधायक जनता दरवार पहुंचकर देवरी विधायक हर्ष यादव को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें कहा गया कि हम सभी को आप पर पूर्ण विश्वास है, आप प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री से मांग पूरा कराने में सहयोग करेंगे. साथ ही प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिये विधानसभा में समस्त अधिवक्ताओं का पक्ष रखेंगे.
