नरेंद्र इंगले, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जामनेर शहर के एकमात्र और बाद में फोरलेन में तब्दील हुए मुख्य सड़क से सटे जिला परिषद जमीनों पर BOT के तहत बनाए गए बड़े बड़े शॉपिंग सेंटर ने B&C की जमीन पर किए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाने की मांग को लेकर शहर राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से आंदोलन की चेतावनी दी गई है. शहर प्रमुख जितेश पाटील ने B&C को सौंपे निवेदन में कहा है कि BOT Market की सीमा को B&C के हद मे घुसकर चिन्हित किया गया है. इस तरह से अतिक्रमण को बढ़ावा देने वाले ठेकेदार पर कानूनी कार्यवाही करने के साथ तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए. निवेदन पर संदीप हिवाले, इमरान शेख, उत्तम पाटील, विनोद माली, मोहन चौधरी, अहफाज मुल्लाजी के हस्ताक्षर हैं. विदित हो कि जामनेर में जिला परिषद के जमीनों पर प्रायवेट ठेकेदार की मदत से BOT के तहत आलीशान मार्केट बनाए गए हैं और इन मार्केट की सीमा को लोहे के पाइप से चिन्हित किया गया है जो कि B&C के फुटपाथ से सटे गटर को अंकित कर किया गया है.
हॉकर्स जोन की मांग
फुटपाट पर ठेला लगाकर जीवनयापन करने वाले 500 से अधिक सूक्ष्म उद्यमियों ने कई बार हॉकर्स ज़ोन के लिए मांग की पर नगर परिषद बनने के 19 साल बाद भी उनकी यह मांग नहीं मानी गई. हॉकर्स ज़ोन मामला जिलाधिकारी के अधिकार में आता है जिसे स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रस्ताव के माध्यम से पेश करना होता है. 19 साल से इस मसले पर कुछ भी निर्णय नहीं हो सका जिसके कारण ठेला धारकों को बार बार प्रशासन की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है जिसके बाद इन गरीबों को नेताजी की चौखट पर गुहार लगानी पड़ती है, गरीबों की बेबसी देख पसीजते नेताजी प्रशासन को सॉफ्ट कॉर्नर लेने की सलाह देते हैं कि फिर कार्रवाई की जगह अनुशासन ले लेता है. हॉकर्स ज़ोन के अभाव के कारण यह खेल 15 सालों से निरंतर जारी है. 2006 में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद विस्थापित हुए ठेला धारकों को BOT में मिलने वाले स्थायी दुकानों पर आज रसूखदारों का राज है.
