जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मप्र ), NIT;
मध्य्प्रदेश के नसरुल्लागंज- क्षैत्र के ग्राम पांडागांव बस स्टैण्ड़ पर बसी कालोनी जहां 25 गरीब हरिजन आदिवासी परिवार के लोग रहते हैं, यहां ग्रामीण लाल पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गर्मी के कारण हैंडपंप का पानी सुख गया था। अब लगभग एक माह से चालू हुआ है तभी से लाल पानी आ रहा है जो हम लोग पीने के काम में ले रहे हैं।
लाल पानी के संबंध में ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव को जानकारी दी गई, पर उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नही दिया। ग्रामीणों को मजबूरी में हैंडपंप से निकला लाल पानी पी कर अपनी प्यास बुझाना पड़ रही है। जबकि यह हैंडपंप का निकला लाल पानी स्वास्थ के लिए हानिकारक भी है। वही ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ 15 दिन बीत गये हैं, लाईट भी नही है। लाइनमैन द्वारा डीपी खराब होने के कारण निकाल कर ले गया है, मजबूरी में अंधेरे में रह कर गुजारा करना पड़ रहा है। ग्राम पांडागांव क्षेत्र जो मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में आता है, जहां गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। सरपंच-सचिव दूसरे गांव के हैं, वह ध्यान नहीं देते और ना ही कोई अधिकारी कर्मचारी इस ओर ध्यान देता है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के गृह क्षैत्र में अधिकारीयों कर्मचारियों की मनमानी के कारण ग्रामीणों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस कारण ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नही मिलता है। गरीब परिवारों ने शासन की योजनाओं का लाभ नही मिलने पर आक्रोश जताया है, एवं लाल खराब पानी पीने को लेकर सरपंच एवं सचिव पर आक्रोश जताते हुये, कार्यवाही की मांग की है।
