आकंक्षा वरुण का आई.आई.एम के चयन होने पर गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने दी बधाई | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT;

आकंक्षा वरुण का आई.आई.एम के चयन होने पर गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने दी बधाई | New India Times

आकंक्षा वरुण का आई.आई.एम जम्मू के चयन होने पर गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे, संस्था की सचिव जहाँआरा के साथ उनके आवास पर जाकर संस्था की ओर से जहाँआरा ने गोपाल किरन समाजसेवी संस्था की ओर से उनको फूल माला पहनाकर और श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने पुष्प भेंट कर उनको बधाई दी। उच्च शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा की कहा जब भी सहयोग की आवश्यकता महसूस हो निःसंकोच रूप से कहें। इस अवसर पर उनकी छोटी बहन ऐशवर्या वरुण, उनकी माता मधुवाला वरुण जो की प्रधान अध्यापक हैं, पिता जी एम. एस. वरुण जो ए.जी.एम.पी से सेवा निवर्त हैं। आकंक्षा प्रारंभ से ही पढ़ने में होशियार रही है। इस कोनोना कॉल में वही यौद्धा वास्तिवक योद्धा है जो खुद बीमार होने के बाद भी अपने पिता को पॉजिटिव होने पर परिवार के सदस्यों के होने के बाद उससे सभी को निकाला और पिता के पॉजिटिव होने पर दिन रात हॉस्पिटल के बाहर रहकर एक सजग प्रहरी की तरह रहकर उनको वहां से सुरक्षित लेकर ठीक होने के बाद ही लेकर आई।
आप संस्था में स्वयंसेवक वोलेंटियर रूप से रूप से जुड़ी हुई हैं। इस अवसर अन्य लोगों ने भी बधाई दी है। गोपाल किरन समाज सेवी संस्था प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह से प्रोत्साहित करती रहती है।
संस्था ने कोरोना से सुरक्षा हेतु जागरूकता अभियान चला कर लोगों को कोरोना से बचाव की समझाइश दी गई साथ ही साथ मास्क एवं सेनेटाइजर के उपयोग पर बात की। संस्था समाज से सरोकार ओर विकास पर अलग-अलग तरह के जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करती रहती है, 18 से कम उम्र के बच्चों एवं उनकी माताओं को मास्क, सेनेटाइजर वितरण कर, इसका हमेशा इस्तेमाल, हाथों को सही तरीके से साफ रखना इत्यादि बात की। मधु वाला वरुण ओर श्री वरुण जी ने कोरोना के समय हुए पॉजिटिव व्यक्ति के रूप मैं उस दोरोना हुए अनुभवों को शेयर किया।
कोरोना की थर्ड लेयर से बच्चों को बचाया जा सके।
विश्व के साथ हमारा देश कोरोना संक्रमित बीमारी से जूझ रहा है इससे बचने के लिए हमें चाहिए कि हम लोग अपने आपको को जागरूक करें और अफवाहों पर ध्यान ना दें। फिल्हाल इस बीमारी को यही कह सकते हैं की जानकारी ही बचाव है।

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