मो. मुजम्मिल, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

संस्कृत पुस्तोकौन्नति सभा द्वारा संचालित संत श्री आशाराम जी आश्रम एवं श्री योग वेदान्त सेवा समिति ने प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी वृहद रूप में पौधा रोपण अभियान की शुरुआत की। गौशाला के आसपास वाले ग्रामीण क्षेत्रों में पौधा रोपण किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ने बताया कि समिति वर्ष भर बच्चों, युवाओं, बुजुर्ग एवं जरूरतमंदों के लिए सेवाएं करती हैं। पौधा रोपण अभियान में हम लोगों ने पीपल, बड़ एवं फलदार पौधों का रोपण किया। पर्यावरण संतुलन के हिसाब से पीपल और बड़ बहुत जरूरी है। इन पौधों का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व है। इस वर्ष समिति द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंदों को दो फलदार पौधे अच्छी प्रजाति के भेंट करने का अभियान चला रहा हैं। जिससे छोटे-छोटे किसान ये पौधे अपने खेत की मेड़ या आंगन या बाड़ी में लगा सकते हैं। जिससे उन्हें भविष्य में अतिरिक्त आमदानी के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाने में भी सहायक होंगे। शास्त्रों में आता है कि इस कलयुग में एक पेड़ लगाने से एक अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है। मृत आदमी के शरीर को जलाने हेतु दो पेड़ों की लकड़ियाँ लगती हैं। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को जीवन में दो वृक्ष जरूर लगाना चाहिए अन्यथा प्राकृतिक अपराध माना जाता है। इस दैवीय कार्य में अहमदाबाद आश्रम से आये लक्ष्मीकांत द्विवेदी, खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई, गुरूकुल की संचालिका दर्शना खट्टर, महिला उत्थान आश्रम की संचालिका साध्वी नीलू बहन, लिंगा आश्रम की संचालिका साध्वी प्रतिमा बहन, साध्वी रेखा बहन, युवा सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक डोईफोड़े, पी.आर. शेरके, धनाराम सनोडिया, एम. आर. पराडकर, सूरज प्रसाद माहोरे, सुजीत सूर्यवंशी, महिला समिति से सुमन डोईफोड़े, छाया सूर्यवंशी, शंकुतला कराड़े, करूणेश पाल, वनिता सनोडिया, योगिता पराड़कर मुख्य रूप से उपस्थित थे।
