केंद्र सरकार द्वारा व्यापारियों को एमएसएमई में शामिल करने से व्यापारी समुदाय बेहद खुश, सरकार के इस फैसले से देश के करीब 8 करोड़ छोटे व्यापारियों को होगा फायदा | New India Times

रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

केंद्र सरकार द्वारा व्यापारियों को एमएसएमई में शामिल करने से व्यापारी समुदाय बेहद खुश, सरकार के इस फैसले से देश के करीब 8 करोड़ छोटे व्यापारियों को होगा फायदा | New India Times

शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा देश के व्यापारियों को एमएसएमई की परिभाषा के तहत शामिल होने के कारण बेहद खुश हैं और दिल से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी को देश के व्यापारियों के लिए इतने बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए गहरा आभार व्यक्त करते हैं। इसी श्रंखला में देशभर के व्यापारी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल के विशेष आभारी रहेंगे, जिन्होंने इस निर्णय में व्यापारियों के वकील बनकर बहुत ही दृढ़ता के साथ एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाई। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मध्यप्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन, महामंत्री मुकेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज चौरिसया एवं संगठनमंत्री गोविन्द दास असाटी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी महेश माहेश्वरी ने कहा कि कैट पिछले एक साल से अधिक समय से लगातार इस मुद्दे को उठा रहा था और विभिन्न स्तरों पर सरकार के साथ बातचीत कर रहा था सरकार के इस फैसले से देश के करीब 8 करोड़ से ज्यादा छोटे कारोबारियों को फायदा होगा।
         
कैट पदाधिकारियों ने कहा कि इस निर्णय से व्यापारी एमएसएमई श्रेणी के अंतर्गत आएंगे और प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के आधार पर दिए जाने वाले ऋण को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से आसानी से प्राप्त कर सकेंगे । इसके अलावा अब व्यापारियों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं के कई अन्य लाभों को भी प्राप्त किया जा सकेगा, जिनका लाभ एमएसएमई श्रेणी के लोग अभी उठा रहे हैं।
कैट झाबुआ जिलाध्यक्ष मुकेश जैन, वैश्य महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष मनोहर सेठिया, वैश्य महासम्मेलन युवा इकाई पूर्वेश कटारिया ने संयुक्त रूप से कहा कि आज देश का व्यापारिक समुदाय जो लगभग 40 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है और लगभग 115 लाख करोड़ का सालाना कारोबार कर रहा है, के लिए बेहद बड़ा दिन है। कोविड महामारी से प्रभावित व्यापारी अब बैंकों से आवश्यक वित्त प्राप्त करके अपने व्यवसाय को बहाल करने में सक्षम होंगे। इन व्यापारियों को बैंक पहले लोन देने में आनाकानी करते थे। सरकार का यह कदम न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि भारत के सबसे जीवंत खुदरा व्यापार को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। केंद्र सरकार की इस पहल से झाबुआ के व्यापारियों एवं सदस्यों ने हर्ष व्यक्त कर केंद्र सरकार का आभार माना है।

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