सुभाष पांडेय, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

आगरी समाज के प्रमुख, मीरा-भायंदर महानगरपालिका में कई बार नगरसेवक, स्थायी समिति के सभापति, लोकनेते मोहन मधुकर पाटिल के भायंदर (पूर्व) स्थित खारी गांव के छाया बंगले पर हर समय आम जनता, प्रबुद्ध नागरिकों, कोविड योद्धाओं, समाजसेवकों, नगरसेवकों, पत्रकारों का शोसल डिस्टनसिंग, मास्क, सेनेटाइजर को ध्यान में रखकर सीमित लोगों का तांता लगा रहता है। मोहन पाटील ज़मीनी नेता हैं। विभिन्न प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक, शैक्षणिक क्षेत्र से कई दशकों से जुड़े हुये हैं। आम नागरिकों के सुख-दुःख की सुध बराबर लेते रहते हैं और हर संभव मदद भी करते हैं। पिछले दो सालों से परेशान लोगों को अनाज, मेडिकल, स्कूल -कॉलेज की फ़ीस से संबंधित भरपूर सहायता की है। बहुत सारे अनगिनत लोगों को बंद मुट्ठी सहयोग किया। वे जनहित, मानवीय कार्यों को ईश्वर का कार्य मानते हैं। उन्होंने इस संकटकालीन समय में उनके द्वारा किये गए मानवीय, सामाजिक कार्यों का प्रोपेगेंडा नहीं किया। फ़ोटो तक खिंचवाने से बचते रहे। यही कारण है कि, उनकी इन दिनों लोकप्रियता काफ़ी बढ़ गयी है। आज के समय में लोग बेरोजगार हो गए हैं। काम-धंधा लगभग खत्म हो चुका है। भुखमरी के कागार पर लाखों घर हैं। ऐसे में थोड़ा स्वयं आगे आकर लोगों को सहयोग करने से शांति का अनुभव होता है। लोकनेते मोहन मधुकर पाटील एक सशक्त जाने माने राज्य स्तरीय नेता हैं। उनके महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरदचंद्र पवार, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, पूर्व गृहमंत्री स्व. आर.आर. पाटील, मा.गृह राज्यमंत्री माणिकराव ठाकरे, ठाणे के बहुत ही नामचीन व्यक्तित्व आर.सी. पाटील, जितेंद्र आव्हाड समेत ठाणे जिला के पूर्व पालकमंत्री व ‘ राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री ‘ना. गणेश रामचंद्र नाईक, मा. सांसद संजीव गणेश नाईक से बहुत ही प्रगाढ संबंध हैं। जनहित के कार्यों में सदैव अग्रणी रहने वाले लोकनेते मोहन मधुकर पाटील को कौन नहीं जानता! उनके नेक कार्यों के बारे में लिखना ‘ सूरज को दीपक दिखाने के बराबर होगा।
उल्लेखनीय है कि शिवशक्ति हॉकर्स यूनियन के बैनर तले ग़रीब फेरीवालों की हर तरह की समस्या को दूर करते रहे। मतिमंद विद्यालय का भायंदर में निर्माण किया, काफी सालों मतिमंद विद्यालय को चलाया। जरूरतमंदों को तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था की। भायंदर (पूर्व ) बी.पी. रोड पर त्रिलोक दर्शन के पास पानी पियाऊ का निर्माण किया। खारी गांव में शौचालय का निर्माण करवाया। एक स्कूल-कॉलेज के लंबे समय तक कार्याध्यक्ष रहे। उस स्कूल-कालेज पर करोड़ों रुपया कर्ज था। उस स्कूल -कॉलेज को कर्जमुक्त करवाया। खारी गांव के सत्यनारायण मंदिर के पुनर्निर्माण के बावजूद, उनकी कुछ लोगों को उनकी कार्यशैली, लोकप्रियता अच्छी नहीं लगी। इसलिए उन पर छींटाकशी का कुत्सित प्रयास किया गया, गबन का आरोप लगाया गया लेकिन, लोकनेते मोहन पाटील किसी भी बात की परवाह न करते हुए सामाजिक कार्यों में लगे रहे। आज यही कारण है कि उनके साथ-साथ अब उनके होनहार बेटे युवा नेते शक्ति मोहन पाटील को आगामी अगस्त 2022 को होने वाले मीरा-भाईंदर महानगरपालिका चुनाव में चुनावी मैदान में उतारने के लिए लोग प्रेरित कर रहे हैं जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
