गुलज़ार अहमद, मैनपुरी ( यूपी ), NIT;
भोंगाव तहसील में लगभग 6 माह से उपनिंबधक एवं लिपिक में चली आ रही तनातनी मारपीट में बदल गई। मारपीट के बाद उपनिबंधक ने अपने ही एक लिपिक के विरूद्व सरकारी कार्य में बाधा डालने व जान से मार देने की धमकी दिये जाने की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाचं शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार उपनिबंधक राजेश कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि गुरूवार की सायं 5 बजे एक अधिवक्ता बैनामा लेकर आये। जब उन्होंने अधिवक्ता का बैनामा 5 बज जाने की कहते हुये रजिस्ट्री करने से मना कर दिया तो इसी बात पर उनके लिपिक अनिल कुमार पाण्डेय ने उनके साथ अभद्रता की। सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुये उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। लिपिक ने अधिवक्ता की जबरन रजिस्ट्री भी करा दी। रिपोर्ट में उपनिबंधक ने लिपिक पर बोलेरो कार चोरी करवाये जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने लिपिक अनिल के विरूद्व अपराध संख्या 366/17, अन्तगर्त धारा 353, 504, 506 आईपीसी की धाराओं में मुकद्दमा पंजीकृत किया है। इस सबंध में लिपिक अनिल कुमार पाण्डेय ने उपनिबंधक द्वारा लगाये गये सभी आरोपों का खण्डन करते हुये विद्वेश की भावना से रिपोर्ट दर्ज कराये जाने व उन्हेें अपमानित करने की बात कही है।
उपनिबंधक राजेश कुमार गुप्ता द्वारा एफआईआर दर्ज कराये जाने के वाद अधिवक्ता हेमंत कुमार मिश्रा ने भी उपनिबंधक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ता मिश्रा ने बार के अध्यक्ष पंकज सक्सेना को एक प्रार्थना पत्र देकर उपनिबंधक पर उन्हें अपमानित किये जाने एवं समय होने के वावजूद बैनामा निबंधन करने में आना कानी का आरोप लगाया है। इस सबंध में परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि अधिवक्ता द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र पर शीघ्र अधिवक्ताओं की एक वैठक बुलायी जायेगी। जिसमें हेमंत मिश्रा द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र पर गंभीरता से विचार किया जायेगा।
