सलमान चिश्ती, रायबरेली (यूपी), NIT;
रायबरेली जिला के खीरों में रमजान के पाक माह के अंतिम जुमे पर हजारों रोजेदारों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा की। अलविदा की नमाज सुन्नी बरकाती जामा मस्जिद पर अदा की गई। नमाज अदा करने खीरों और आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों नमाजी आए। सुन्नी बरकाती जामा मस्जिद के शाही इमाम हाफिज अब्दुल हलीम ने नमाज अदा कराई और मुस्लिम समाज को नमाज में रमजान से संबंधित बारीकियां बताई।
शाही इमाम ने बताया कि यह जुमा अलविदा इसलिए कहा जाता है कि यह रमजान का आखरी जुमा होता है। उसके बाद ईद मनाई जाती है। ईद की अहमियत रोजेदारों के लिए है। रोजेदार गर्मी के महीने में भूखा प्यासा रह कर गर्मी में रोजे रखता है, उसके बाद ईद का चांद देख कर ईद मनाता है। सुन्नी बरकाती जामा मस्जिद में शाही इमाम साहब ने नमाज अदा करने के बाद देश और मुल्क में अमन-चैन और भाईचारा कायम रहने और हिंदू मुस्लिम में प्रेम बना रहने के लिए भी दुआ की इस मौके पर कड़ी सुरक्षा में प्रशासन भी मौजुद रहा।
